मध्य प्रदेश के खंडवा से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. करीब एक हजार सांप पकड़ चुके मशहूर स्नेक कैचर आशिक मंसूरी को एक चूक ले गई मौत के मुंह में! पकड़ चुका था एक सांप आशिक मंसूरी की एक छोटी सी चूक ने उनकी जान ले ली. जहरीले सांप के डसने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. घटना के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
सांप पकड़ने के लिए जाना-पहचाना नाम
आपको बता दें, खंडवा के भोज्याखेड़ी निवासी आशिक मंसूरी इलाके में सांप पकड़ने के लिए जाना-पहचाना नाम था. गांव-गांव से लोग उन्हें सांप निकलने पर बुलाते थे. बताया जाता है कि आशिक अब तक करीब 1000 से ज्यादा सांप पकड़ चुके थे और बिना तय शुल्क के लोगों की मदद करते थे. मंगलवार को भी आशिक बरूड गांव में एक जहरीले सांप को पकड़ने पहुंचे थे.
जहर चढ़ने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी
उन्होंने सांप को काबू में तो कर लिया, लेकिन इसी दौरान एक छोटी सी चूक हो गई और सांप ने उन्हें डस लिया. जहर चढ़ने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सांप को प्लास्टिक के पीपे में बंद कर खुद ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंच गए.
इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई, जब पीपे में बंद सांप जोर-जोर से फन मारने लगा. सांप इतना उग्र था कि पूरा डब्बा हिलने लगा, जिसे देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी घबरा गए. डॉक्टरों ने आशिक को तुरंत एंटी-स्नेक वेनम देकर इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक जहर शरीर में तेजी से फैल चुका था.
लगातार इलाज के बावजूद मंगलवार रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया. आशिक की मौत की खबर मिलते ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ लग गई. जिस शख्स ने अपने हुनर से सैकड़ों लोगों को राहत दी, वही हुनर और उससे जुड़ा जोखिम उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया. बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया.
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