विज्ञापन

Shivratri Special 2026: 8000 किमी दूर से आई ऑस्ट्रेलियन भक्त, शिव–पार्वती विवाह में शामिल होना है इच्छा

शिवरात्रि 2026 पर आगर मालवा स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में भक्ति का उत्सव चरम पर है. ऑस्ट्रेलिया से 8,000 किमी यात्रा कर शांति मैक्लेवर शिव–पार्वती विवाह उत्सव में शामिल होने पहुंचीं और दर्शन के बाद आध्यात्मिक शांति महसूस की.

Shivratri Special 2026: 8000 किमी दूर से आई ऑस्ट्रेलियन भक्त, शिव–पार्वती विवाह में शामिल होना है इच्छा

Shivratri 2026 Celebrations: शिवरात्रि 2026 का पर्व काफी नजदिक है और मध्य प्रदेश के आगर मालवा स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में भक्तों का उत्साह चरम पर है. इसी भक्ति और आस्था के माहौल के बीच ऑस्ट्रेलिया से 8,000 किमी की यात्रा कर एक खास भक्त शांति मैक्लेवर (Shanti Maclaver) भारत पहुंची हैं, जो शिव–पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव में शामिल होने आई हैं. भारतीय परंपराओं और शिवभक्ति से जुड़ी उनकी भावनाओं ने मंदिर परिसर में एक अलग ही आध्यात्मिकता भर दी है.

बाबा बैजनाथ मंदिर में शुरू हुआ उल्लास

आगर शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर बसे बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में शिवरात्रि से पहले ही धार्मिक रौनक शुरू हो गई है. बाणगंगा नदी किनारे स्थित यह प्राचीन मंदिर न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके इतिहास में भी अद्भुत अध्याय दर्ज हैं.

ऑस्ट्रेलिया से आई शांति मैक्लेवर ने किए दर्शन

शनिवार को ऑस्ट्रेलिया से आई शांति मैक्लेवर जब लाल साड़ी पहनकर, माथे पर टीका लगाए मंदिर पहुंचीं, तो लोगों की निगाहें ठहर गईं. शांति ने बताया कि वे खुद को शिव की भक्त मानती हैं और वर्षों से इस स्थान पर आने की इच्छा रखती थीं. दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि शिवलिंग के सामने खड़े होकर मैंने अपने भीतर एक अनोखा बदलाव महसूस किया. मन पूरी तरह शांत हो गया. 

मंदिर का अद्भुत इतिहास 

यह मंदिर 13वीं शताब्दी के शिवलिंग और लगभग 500 साल पुराने इतिहास को संजोए हुए है. 1528 में मोड़ वैश्य समाज ने इसकी नींव रखी थी. कहा जाता है कि 1883 में द्वितीय एंग्लो-अफगान युद्ध में शामिल ब्रिटिश कर्नल मॉर्टन की पत्नी ने मन्नत मांगी थी कि यदि उनका पति सुरक्षित लौट आए, तो मठ को मंदिर का रूप दिया जाएगा. कर्नल के लौटते ही मन्नत पूरी की गई और जनसहयोग से मंदिर का विस्तार हुआ.

Latest and Breaking News on NDTV

कर्नल की चौथी पीढ़ी की वंशज पहुंची भारत

दिलचस्प बात यह है कि शांति मैक्लेवर कर्नल मॉर्टन की चौथी पीढ़ी की वंशज हैं. उन्होंने कहा कि मेरे परिवार का भारत से पीढ़ियों पुराना संबंध रहा है. मेरी दादी ऋषिकेश में रहती थीं. इस देश की संस्कृति और प्रेम ने मुझे हमेशा आकर्षित किया है.

भारत आने के अनुभव साझा किए

शांति ने कहा कि भारत में उन्हें प्यार और अपनापन मिला है. यहां की संस्कृति और आध्यात्मिक धारा उन्हें बेहद प्रभावित करती है. वे बोलीं कि भारत मंदिरों और नदियों का देश है. यहां हर जगह आस्था की ऊर्जा बहती महसूस होती है. मैं यह अनुभव ऑस्ट्रेलिया लौटकर सबको बताऊंगी. 

Latest and Breaking News on NDTV

शिव–पार्वती के दिव्य विवाह में होंगी शामिल

शांति ने बताया कि शिव–पार्वती का प्रेम उन्हें हमेशा से प्रेरित करता रहा है. इसीलिए वे महाशिवरात्रि पर होने वाले शिव–पार्वती विवाह उत्सव का हिस्सा बनने के लिए भारत आई हैं. मंदिर समिति ने भी उनका स्वागत किया.

एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

शिवरात्रि पर्व को लेकर व्यवस्थाएँ जोरों पर हैं. जिला प्रशासन का अनुमान है कि इस बार एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं. एडिशनल एसपी रविंद्र बोयट ने बताया कि लगभग 300 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं, अलग-अलग वाहनों के लिए अलग पार्किंग जोन बनाए गए हैं और भक्तों को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए विशेष टीम तैनात है.

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close