विज्ञापन

VIDEO: चिता से उठाया पार्थिव शरीर! एंबुलेंस में डालकर अपने साथ ले गया वन अमला- जानें पूरा मामला

शिवपुरी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान वन विभाग की टीम ने सड़क दुर्घटना में मृत सरकारी कर्मचारी का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया. विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम कानूनी रूप से अनिवार्य है, जिससे बीमा, आर्थिक सहायता और अन्य शासकीय लाभ सुनिश्चित हो सकें.

VIDEO: चिता से उठाया पार्थिव शरीर! एंबुलेंस में डालकर अपने साथ ले गया वन अमला- जानें पूरा मामला

Dead Body Lifted from Pyre: शिवपुरी के मुक्तिधाम में उस समय अफरा‑तफरी मच गई जब अंतिम संस्कार के दौरान वन विभाग की टीम अचानक पहुंची और चिता पर रखे पार्थिव शरीर को उठाकर एंबुलेंस में ले गई. दरअसल, मृतक वन विभाग का कर्मचारी था, जिसकी सड़क हादसे में मौत हुई थी. विभाग का कहना है कि सरकारी प्रक्रिया और लाभ सुनिश्चित करने के लिए पोस्टमार्टम ज़रूरी था, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा.

जानिए क्या है पूरा मामला?

बनवारी लाल रजक नाम के शख्स वन विभाग में पदस्थ थे. सोमवार दोपहर वे अपने एक साथी वनकर्मी के साथ बाइक से जा रहे थे. मायापुर थाना क्षेत्र के रन्नौद रोड स्थित राजापुर गांव के पास बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों गिर पड़े. बनवारी लाल गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.

रात में शव घर पहुंचा, सुबह अंतिम संस्कार 

बनवारी लाल का पार्थिव शरीर देर रात शिवपुरी शहर की झींगुरा कॉलोनी स्थित उनके घर लाया गया. मंगलवार सुबह परिवारजन बिना विभाग को सूचना दिए मुक्तिधाम पहुंच गए और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी.

वन विभाग की टीम ले गई पार्थिव शरीर  

जब वन विभाग को जानकारी मिली कि बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किया जा रहा है, तो अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मुक्तिधाम पहुंचे. चिता पर रखे शव को उन्होंने रोक लिया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया.

सरकारी कर्मचारी के लाभ के लिए उठाया कदम

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बनवारी लाल शासकीय कर्मचारी थे, इसलिए विभागीय लाभ, बीमा, आर्थिक सहायता और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य है. यदि बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार हो जाता, तो परिवार कई सरकारी लाभों से वंचित हो सकता था.

मुक्तिधाम में कुछ देर रहा भ्रम 

अचानक हुई इस कार्रवाई से मुक्तिधाम में कुछ देर के लिए उलझन की स्थिति बन गई, लेकिन जल्द ही अधिकारियों ने परिवार और रिश्तेदारों को पूरी प्रक्रिया समझाई. बाद में परिवार ने भी विभाग के कदम को सही मानते हुए सहयोग किया. कई लोग अधिकारियों का धन्यवाद करते भी दिखे कि उन्होंने कर्मचारी के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की.

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close