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PMJJBY Fraud: फर्जी 'मौतों' से PM जीवन ज्योति बीमा योजना में फर्जीवाड़ा; नगर निगम कर्मियों पर केस दर्ज

Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana Fraud: ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि पीएमजेजेबीवाई के तहत लगातार संदिग्ध क्लेम पास हो रहे हैं. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जीवित व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाए. इसके लिए निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत रही.

PMJJBY Fraud: फर्जी 'मौतों' से PM जीवन ज्योति बीमा योजना में फर्जीवाड़ा; नगर निगम कर्मियों पर केस दर्ज
PMJJBY Fraud: फर्जी 'मौतों' से PM जीवन ज्योति बीमा योजना में फर्जीवाड़ा; नगर निगम कर्मियों पर केस दर्ज

Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana Fraud Gwalior: प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) में ग्वालियर–चंबल (Gwalior Chambal) संभाग में बड़े स्तर पर हुए फर्जीवाड़े (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana Fraud Case) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह ने जीवित लोगों को कागजों में मृत दिखाकर बीमा कंपनियों से 2–2 लाख रुपये के क्लेम निकाल लिए. इस घोटाले में नगर निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के चार कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है.

श्योपुर में 50 संदिग्ध प्रकरण सामने आए

जांच में सामने आया कि श्योपुर जिले में स्टार यूनियन दाइची लाइफ इंश्योरेंस के 50 मामलों में संदिग्ध क्लेम किए गए थे. इनमें से 6 मामलों की जांच पूरी होने पर 5 दावे फर्जी पाए गए, जबकि केवल एक दावा सही निकला.

फर्जी मामलों में जीवित व्यक्तियों के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर प्रत्येक में 2 लाख रुपये की राशि निकाली गई, जिससे शासन को 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ.

EOW को शिकायत मिली थी कि योजना के तहत लगातार संदिग्ध क्लेम पास किए जा रहे हैं. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली दस्तावेज तैयार कराए और इसके लिए नगर निगम ग्वालियर की जन्म–मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों तथा बैंककर्मियों की मिलीभगत रही.

इनको बनाया गया है आरोपी

EOW ने जिन कर्मचारियों को आरोपी बनाया है, उनमें दीपमाला मिश्रा, जिग्नेश प्रजापति, नवीन मित्तल और पूजा कुमारी  शामिल हैं. इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई), श्योपुर शाखा के कुछ तत्कालीन कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है. सभी के खिलाफ भा.दं.सं. की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है. EOW ने जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक की अवधि के सभी क्लेम की जांच की है.

8 बीमा कंपनियों के क्लेम जांच के दायरे में

जांच के दौरान पीएमजेजेबीवाई के तहत एलआईसी, एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एक्सिस मैक्स लाइफ, स्टार यूनियन दाइची लाइफ (SUD), न्यू इंडिया, यूनाइटेड इंडिया और भारती एक्सा लाइफ जैसी कंपनियों द्वारा किए गए क्लेम की गहन पड़ताल की गई. जांच एजेंसी का कहना है कि फर्जीवाड़ा केवल एक–दो कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई और क्लेम भी संदिग्ध पाए गए हैं.

पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले

यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी एक्सिस मैक्स लाइफ और एसबीआई लाइफ के 15 मामलों में ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिलों में अपराध दर्ज हो चुके हैं. इससे साफ है कि बीमा योजना के नाम पर यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से जारी था.

क्या है पीएमजेजेबीवाई?

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना है. कम प्रीमियम और आसान प्रक्रिया के कारण यह योजना ग्रामीण और निम्न आय वर्ग में काफी लोकप्रिय है, जिसे कुछ लोगों ने फर्जीवाड़े के जरिए दुरुपयोग किया.

  • आयु सीमा: 18 से 50 वर्ष
  • सालाना प्रीमियम: 436 रुपये
  • मृत्यु पर नॉमिनी को भुगतान: 2 लाख रुपये

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