PM Shri Air Ambulance Negligence: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा के तहत मरीज को एयरलिफ्ट करने के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई. पहली बार इस योजना के तहत मरीज को भोपाल एम्स भेजने की तैयारी की गई थी, लेकिन हैलीपेड की हालत देखकर पायलट तक हैरान रह गया. लैंडिंग के समय हेलीकॉप्टर चारों तरफ फैले बिजली के तारों के बीच उतारा गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया.
लैंडिंग के समय खतरा
हेलीकॉप्टर के पायलट ने बताया कि जैसे ही उन्होंने लैंडिंग के लिए नीचे देखा, तो चारों तरफ खतरनाक तरीके से बिजली के तार फैले हुए थे. यह देखकर उन्होंने हेलीकॉप्टर को वापस ले जाने तक का विचार कर लिया था. पायलट ने किसी तरह जोखिम उठाकर हेलीकॉप्टर को उतारा और तुरंत इस असुरक्षित हैलीपेड को लेकर कलेक्टर से शिकायत की.
जरा सी चूक से हो सकता था हादसा
पायलट ने साफ कहा कि अगर लैंडिंग के दौरान थोड़ी भी चूक होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. यह स्थिति प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलती है. जिस योजना को ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा था, वही लापरवाही की वजह से जानलेवा साबित हो सकती थी.
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जिम्मेदारी से बचता विभाग
जब मीडिया ने इस गंभीर लापरवाही को लेकर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री एमएस धुर्वे से सवाल किया, तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बजाय प्रशासन पर ही दोष मढ़ दिया. उनका कहना था कि हैलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए उनके विभाग से न तो कोई सर्टिफिकेट लिया गया और न ही तकनीकी क्लियरेंस.
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