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पेंच की ‘लंगड़ी’ बाघिन ने रचा इतिहास, उम्र में सबको पछाड़कर बनी MP की सबसे बुजुर्ग टाइगर क्वीन, यह खास क्यों?

MP Oldest Tigress Langdi: सिवनी स्थित पेंच नेशनल पार्क की प्रसिद्ध लंगड़ी बाघिन ने मध्यप्रदेश के वन्यजीव इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया है. वह प्रदेश के सभी नेशनल पार्कों की सबसे उम्रदराज बाघिन बन गई है् वर्ष 2008 में पहली बार देखी गई यह बाघिन कुछ समय तक नजर न आने के कारण मृत मानी जा रही थी, लेकिन फिर दिखाई देने से उसके जीवित होने की पुष्टि हुई.

पेंच की ‘लंगड़ी’ बाघिन ने रचा इतिहास, उम्र में सबको पछाड़कर बनी MP की सबसे बुजुर्ग टाइगर क्वीन, यह खास क्यों?

Oldest Tigress MP: सिवनी के पेंच नेशनल पार्क की लंगड़ी बाघिन अब सिवनी जिले की ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के सभी नेशनल पार्कों की सबसे उम्रदराज बाघिन बन चुकी है. हालांकि, कुछ सालों तक नजर न आने के कारण उसकी मौत की अफवाह उड़ गई थी. रिकॉर्ड और विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर बाघिन की औसत उम्र 12 से 14 साल होती है, लेकिन पेंच नेशनल पार्क की लंगड़ी बाघिन अब 18 साल की हो चुकी है और जीवित अवस्था में है. वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गई है, बावजूद इसके सर्वाइव कर रही है. 

 पुराने क्षेत्र कर्माझिरी में लौट आई लंगड़ी बाघिन 

कुछ साल पहले पेंच में नजर न आने के कारण उसकी मौत की अफवाह उड़ गई थी, लेकिन लंगड़ी बाघिन अपने पुराने क्षेत्र कर्माझिरी में लौट आई है. अक्टूबर और फिर दिसंबर महीने में वह पर्यटकों को नजर आई, जिसकी ताजा फोटो और वीडियो सामने आने के बाद उसके जिंदा होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. इससे न केवल पेंच प्रबंधन बल्कि पर्यटक भी बेहद खुश हैं कि उन्हें पेंच और प्रदेश की सबसे उम्रदराज बाघिन को देखने का सौभाग्य मिल रहा है.

2008 में पहली बार पर्यटकों और गाइडों ने देखा 

पेंच नेशनल पार्क की इस बाघिन को वर्ष 2008 में पहली बार पर्यटकों और गाइडों ने देखा था. बाघिन के सामने के एक पैर के पंजे को अजीब तरीके से रखते हुए चलने के कारण उसे लंगड़ी नाम दिया गया. इसका रिकॉर्ड भी पेंच नेशनल पार्क में कागजों में दर्ज है.

अपनी बहन कॉलर का रिकॉर्ड तोड़ा  

पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन के अनुसार, यह लंगड़ी बाघिन पेंच पार्क की सबसे प्रसिद्ध कॉलर वाली बाघिन की बहन है. जिस बाघिन ने कॉलर वाली बाघिन को जन्म दिया था, उसी ने वर्ष 2008 में लंगड़ी बाघिन को जन्म दिया. वर्ष 2005 में जन्मी कॉलर वाली बाघिन की वर्ष 2022 में 17 वर्ष की उम्र में मौत हो चुकी है, जबकि 2008 में जन्मी लंगड़ी बाघिन वर्ष 2026 में भी जीवित है और सर्वाइव कर रही है. यह कहा जा सकता है कि लंगड़ी बाघिन ने अपनी ही बहन का रिकॉर्ड तोड़कर मध्यप्रदेश में सबसे अधिक उम्रदराज बाघिन होने का रिकॉर्ड कायम कर लिया है.

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मौत की अफवाह फैला दी थी, लेकिन वह जीवित है

पेंच नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि पेंच की यह बाघिन कुछ सालों तक दिखाई नहीं देने के कारण लोगों ने उसकी मौत की अफवाह फैला दी थी, लेकिन वह जीवित है. अक्टूबर और दिसंबर माह में वह पर्यटकों को दिखाई दी है, जिसकी खूबसूरत तस्वीरें भी सामने आई हैं. यह बाघिन वर्ष 2008 में पहली बार देखी गई थी और उससे जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं. अब वह 17 वर्ष से अधिक उम्र पार कर चुकी है. फिलहाल वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गई है, लेकिन इसके बावजूद अब भी सर्वाइव कर रही है.

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