NDA Exam 2026: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में NDA की परीक्षा देने आए कुछ छात्र एग्जाम देने से वंचित रह गए. एग्जाम देने वंचित छात्रों के परिजनों का आरोप है कि समय से पहले ही सेंटर का गेट बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से छात्र परीक्षा नहीं दे पाए. दरअसल, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), नौसेना अकादमी (एनए) और संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) के एग्जाम रविवार को था. इस बार भी प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, मेटल डिटेक्टर जांच और सख्त प्रवेश नियम लागू किए थे.
भोपाल में एनडीए की परीक्षा के लिए शासकीय नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल अरेरा कॉलोनी में परीक्षा केंद्र का गेट सुबह 9:30 बजे बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से कई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि अभ्यर्थियों को सेंटर से लौटा दिया गया. अपने परिजनों के साथ दूर-दूर से आए छात्र गेट खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन नियम का हवाला देकर उन्हें बाहर ही रोक दिया गया. इस दौरान बहुत देर तक छात्र अपने परिजनों के साथ गेट खोलने की गुहार लगाते रहे.
एग्जाम सेंटर में फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम था लागू
राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार सभी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई थी. राजधानी भोपाल के शासकीय नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल में सेंटर बनाया गया था, लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से फेस ऑथेंटिकेशन नहीं हो सका.
छात्र और परिजन हुए निराशभोपाल सहित आसपास के इलाकों से परीक्षा देने आए छात्र और उनके साथ आए परिजनों ने बताया कि केंद्र पर एंट्री का समय सुबह 9.30 बजे था, लेकिन वे 9:27 बजे पहुंचे, इसके बावजूद गेट बंद कर दिया गया और उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया. उन्होंने बताया कि केंद्र के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया गया कि कुछ मिनट की देरी होने के बावजूद अंदर जाने नहीं दिया जाए, क्योंकि बाहर 8-10 अन्य छात्र भी खड़े थे. लेकिन अधिकारियों ने साफ मना कर दिया और किसी की बात नहीं सुनी. वहीं, छात्रों का कहना है कि एडमिट कार्ड पर भी यह स्पष्ट रूप से नहीं लिखा था कि एक-दो मिनट की देरी पर प्रवेश नहीं मिलेगा. कुछ लोगों को अंदर भेजा गया, लेकिन वे भी बिना किसी समाधान के वापस बाहर आ गए. किसी अधिकारी ने उनकी समस्या को ठीक से नहीं सुना.
अधिकारियों का बयान
हालांकि, सेंटर के सुपरवाइजर स्कूल प्राचार्य संजय चौधरी ने बताया कि जो बच्चे परीक्षा देने से वंचित रह गए हैं, वह 9:30 बजे के बाद पहुंचे, जबकि नियम के मुताबिक 9:30 सेंटर के गेट के अंदर एंट्री थी. इसके बाद एंट्री की मनाही थी यही वजह है कि बच्चों को बाहर ही रोक दिया गया.
मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहरों में हुई परीक्षा
मध्य प्रदेश में. इस बार 3 शहरों में 17 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे है. राजधानी भोपाल में जहां 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और यहां तकरीबन 5810 स्टूडेंट्स शामिल हुए. वहीं, इंदौर में 13 केंद्रों पर 5493 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे. जबकि ग्वालियर में 7 केंद्रों पर करीबन 6030 अभ्यर्थी शामिल हुए, इस तरह तीनों शहरों में कुल मिलाकर 17 हजार से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में बैठे.
तीन सत्र में हुई परीक्षा
इस साल भी सीडीएस परीक्षा तीन सत्र में हुई, पहला सत्र सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चला, दूसरा सत्र दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक हुआ वही तीसरा सत्र शाम 4 बजे से 6 बजे तक रहा. इसके साथ ही एनडीए परीक्षा दो सत्रों में आयोजित हुई. जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक हुआ और दूसरे सत्र में दोपहर 2 बजे से 4:30 बजे तक छात्र शामिल हुए.
यह भी पढ़ें- रायपुर में नकली पनीर को लेकर फैक्ट्री पर खाद्य विभाग ने की बड़ी छापामार कार्रवाई, 560 किलो माल जब्त
इस बार परीक्षा केंद्रों में अन्य सालों की तुलना में ज्यादा सख्ती देखने को मिली. हर केंद्र पर सशस्त गार्ड तैनात किए गए और प्रवेश से पहले छात्रों की मेटल डिंटेक्टर से जांच की गई. मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, बैग, किताबें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में पूरी तरह प्रतिबंधित रहा.
यह भी पढ़ें- शहडोल में बड़ा हादसा टला: रेलवे ट्रैक मशीन की बोगी में लगी आग, समय रहते पाया काबू