Central Jail Narmadapuram: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित केंद्रीय जेल देश की पहली ऐसी जेल बन चुकी है, जहां मेडिकल उपचार या कोर्ट पेशी पर जाने वाले कैदियों की निगरानी के लिए जीपीएस आधारित EPTS (Electronic Prisoner Tracking System) का प्रायोगिक उपयोग शुरू कर दिया गया है. इस प्रणाली के उपयोग के जरिए कैदियों का रीयल टाइम डेटा की निगरानी आसान हो जाएगी.
हर साल मध्य प्रदेश में फरार हो जाते हैं 25 से 50 कैदी
गौरतलब है मध्य प्रदेश में हर साल 25 से 50 बंदी पुलिस या जेल गार्ड की निगरानी से फरार हो जाते हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए EPTS डिवाइस विकसित की गई है. इस तकनीक को जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी और सहायक जेल अधीक्षक हितेश बंडिया के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है, जिसका प्रायोगिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है.

कोर्ट पेशी वाले कैदियों पर शुरू हुआ प्रायोगिक उपयोग
रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल जेल नर्मदापुरम में जीपीएस आधारित प्रणाली के परीक्षण के दौरान ट्रैकिंग पूरी तरह सटीक पाई गई और अब सेंट्रल जेल से मेडिकल और कोर्ट पेशी पर ले जाए जाने वाले बंदियों पर इसका प्रायोगिक उपयोग शुरू कर दिया गया है. जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी ने कहा कि केंद्रीय जेल नर्मदापुरम देश की पहली जेल बन चुकी है, जहां सैटेलाइट आधारित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो रही है.
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