मध्यप्रदेश सरकार ने शासकीय स्टाम्पों की बिक्री में कथित अनियमितताओं के मामले में गुना के जिला कोषागार अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. न्यूज़ एजेंसी भाषा के अनुसार इन अनियमितताओं से करीब 2.70 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.
आईएफएमआईएस और भौतिक स्टाम्प स्टॉक में बड़ा अंतर
प्रारंभिक जांच में एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS) और भौतिक रूप से उपलब्ध स्टाम्प स्टॉक के बीच 3 करोड़ 74 लाख रुपये से अधिक का अंतर पाया गया. बाद में कुछ चालानों की प्रविष्टियां मिलने के बाद यह अंतर घटकर 2 करोड़ 70 लाख 25 हजार 310 रुपये रह गया.
कैशियर पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
अधिकारी के मुताबिक सहायक ग्रेड-3 कैशियर केशव वर्मा ने कथित तौर पर 3.74 करोड़ रुपये के स्टाम्प बेचे, लेकिन सिस्टम में केवल 1.04 करोड़ रुपये की प्रविष्टि की. इस पर बुधवार को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.
कोषागार अधिकारी की लापरवाही भी उजागर
वित्त विभाग ने जिला कोषागार अधिकारी राकेश कुमार को भी गंभीर लापरवाही का दोषी माना. विभाग के अनुसार IFMIS प्रणाली में स्टाम्प हस्तांतरण के लिए कोषागार अधिकारी के लॉगिन से ऑनलाइन मंजूरी अनिवार्य है, लेकिन इस प्रक्रिया की अनदेखी की गई.
2017-18 से रिकॉर्ड संधारण नहीं होने का दावा
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि वर्ष 2017-18 से कोषागार में स्टाम्प से संबंधित अनिवार्य रजिस्टर और रिकॉर्ड का संधारण नहीं किया गया था. स्टाम्प विक्रेताओं को बिना लिखित आवेदन और रसीदों के स्टाम्प जारी किए गए.