मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने ताबड़तोड़ तीन बड़ी कार्रवाइयां की हैं. पहली घटना ग्वालियर की है, जहां नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे रिटायरमेंट से महज कुछ घंटे पहले 36 हजार की रिश्वत लेते धराया. वहीं, झाबुआ की पेटलावद तहसील में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने पटवारी संजय अमलियार को 2,000 रुपये घूस लेते दबोच लिया.
तीसरा मामला नरसिंहपुर के गाडरवारा का है, जहां जबलपुर लोकायुक्त ने तहसील बाबू अजय श्रीवास्तव को जमीन का नक्शा दुरुस्त करने के बदले 3 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. हैरानी वाली बात यह है कि बाबू का कहना है कि उसने यह रिश्वत तहसीलदार के कहने पर ली थी. लोकायुक्त टीम तहसीलदार से भी पूछताछ कर रही है. आइए, अब विस्तार से जानते हैं ये तीनों मामले.

MP lokayukta action in gwalior
पहला मामला: रिटायरमेंट से कुछ ही घंटे पहले नगर निगम के कार्यपालन यंत्री ने लिए 6 हजार
ग्वालियर नगर निगम के लाल भवन में गुरुवार 30 जुलाई को लोकायुक्त टीम ने कार्यपालन यंत्री (ईई) सुशील कटारे को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए कार्यपालन यंत्री के रिटायरमेंट में महज कुछ ही घंटे शेष बचे थे. इससे पहले लोकायुक्त टीम ने उसे छह हजार की रिश्वत लेते पकड़ लिया. बता दें कि नगर निगम के पूर्व कार्यपालन यंत्री प्रेम पचौरी के ठेकेदार बेटे ने लोकायुक्त में दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 36 लाख रुपये के एक निर्माण कार्य के लंबित भुगतान के एवज में कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे 36 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं.

MP lokayukta action in jhabua patwari caught taking bribe
दूसरा मामला: झाबुआ में पटवारी 2,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार
लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के सारंगी उप तहसील कार्यालय में पटवारी संजय अमलियार को 2,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. आरोपी पटवारी ने आवेदक पुनिया भूरिया की कृषि भूमि के सर्वे नंबर को फार्मर आईडी पर दर्ज करने के बदले में घूस मांगी थी.

lokayukta action in narsinghpur clerk caught taking bribe
तीसरा मामला: नरसिंहपुर की गाडरवारा तहसील का बाबू गिरफ्तार
जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने जिले की गाडरवारा तहसील में पदस्थ बाबू अजय श्रीवास्तव को 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. बरहेटा गांव में रहने वाले फरयादी आशीष कुमार ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि जमीन का नक्शा दुरुस्त कराने के बदले बाबू अजय श्रीवास्तव ने 5 हजार की रिश्वत मांगी है. शिकायत पर लोकायुक्त की 6 टीम ने जाल बिछाया और पहली किस्त के रूप में 3 हजार रुपये लेते समय बाबू को पकड़ लिया. कार्रवाई के दौरान बाबू ने कहा कि उसने यह राशि तहसीलदार के कहने पर ली थी. अब लोकायुक्त की टीम तहसीलदार से भी पूछताछ कर रही है.