भिंड जिले में क्वारी नदी की अचानक आई बाढ़ ने दर्जनों गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं, कई गांवों का संपर्क मुख्य रास्तों से टूट गया है और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं. हालात का जायजा लेने पहुंचे जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल ने प्रभावित गांवों का दौरा किया और किसानों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने की मांग की है.
क्वारी नदी की बाढ़ से बिगड़े हालात
क्वारी नदी में आई बाढ़ का असर भिंड जिले के कई गांवों में देखने को मिल रहा है. बाढ़ के पानी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. नदी किनारे बसे गांवों के खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं. वहीं कई गांवों का संपर्क भी मुख्य मार्गों से कट गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है.
प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे रामशेष बघेल
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष रामशेष बघेल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे. उन्होंने कनकूरा, बड़ी डीडी, छोटी डीडी, मिरचौली, मनफूल का पुरा, चासड, बिरगवां, सांगली, कमई, सिमराव, परा, जवासा और रछेड़ी सहित कई गांवों का दौरा किया. इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया.
फसलों को भारी नुकसान की आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में लंबे समय से पानी भरा हुआ है. इससे खरीफ सीजन की खड़ी फसलें खराब होने लगी हैं. किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. कई किसानों की पूरी मेहनत बाढ़ के पानी में डूबती नजर आ रही है.
बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित
बाढ़ का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है. क्वारी नदी के ऊपर से फूफ जाने वाली 33 केवी विद्युत लाइन का तार नदी के पानी में डूब गया है. इसके कारण फूफ और सरायघार क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है. बिजली नहीं होने से लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पेयजल संकट ने बढ़ाई चिंता
ग्राम कनकूरा में बाढ़ के कारण हैंडपंप भी पानी में डूब गया है. इससे गांव में पेयजल का संकट गहरा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करने की मांग की है.
तीन साल से झेल रहे हैं बाढ़ की मार
रामशेष बघेल ने कहा कि क्वारी नदी से जुड़े गांव पिछले तीन वर्षों से लगातार बाढ़ की समस्या का सामना कर रहे हैं. हर साल बारिश के मौसम में किसानों की फसलें खराब होती हैं, लेकिन प्रभावित लोगों को समय पर राहत और उचित मुआवजा नहीं मिल पाता. उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी फसल नुकसान का सर्वे शुरू नहीं किया गया है.
तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व और कृषि विभाग की टीमें तुरंत प्रभावित गांवों में भेजी जाएं. फसलों और अन्य नुकसान का जल्द सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए. साथ ही जिन स्थानों पर रास्ते बंद हैं, वहां आवागमन बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.
अधिकारियों से की चर्चा
रामशेष बघेल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर एसडीएम, तहसीलदार फूफ, एसडीओपी अटेर, सीएसपी और विद्युत विभाग के अधिकारियों से भी चर्चा की. उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क संपर्क और फसल नुकसान से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.