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MP Vidhan Sabha: सदन में गूंजा गोवंश का मुद्दा; सड़क हादसे और किसानों की क्षति, जानिए पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा?

MP Vidhan Sabha News: कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय सड़कें गोवंश से भरी रहती हैं, और किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात‑भर खेतों में टॉर्च लेकर गश्त करने को मजबूर हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि मध्य प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं, इसकी जानकारी सदन को दी जाए.

MP Vidhan Sabha: सदन में गूंजा गोवंश का मुद्दा; सड़क हादसे और किसानों की क्षति, जानिए पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा?
MP Vidhan Sabha: सदन में गूंजा गोवंश का मुद्दा; सड़क हादसे और किसानों की क्षति, जानिए पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा?

MP Vidhan Sabha News: मध्य प्रदेश में निराश्रित गोवंश का मुद्दा एक बार फिर विधानसभा (MP Vidhan Sabha) में गूंजा. बजट सत्र के आठवें दिन मध्य प्रदेश विधानसभा (MP Vidhan Sabha Budget Session 2026 Day 8) में कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि निराश्रित पशुओं की वजह से किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं और नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है.

मंत्री लखन पटेल का जवाब : कार्रवाई जारी, 25 लाख से अधिक का जुर्माना

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने सदन में बताया कि सड़कों पर घूमने वाले घुमंतू पशुओं के मालिकों पर अब तक 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य की गौशालाओं में चार लाख से ज्यादा मवेशी आश्रित हैं, और हाईवे पर दुर्घटनाएं कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे चिन्हित स्थानों पर नई गौशालाओं का चयन किया जा रहा है. हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग हो रही है. गोवंश के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश को सम्मानपूर्वक गौशालाओं में रखने की व्यवस्था की जा रही है.

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि 25 जिलों में नई गौशालाओं के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं. जबलपुर, रायसेन, दमोह, सागर, अशोकनगर, खरगोन और रीवा में टेंडर जारी हुए हैं. प्रत्येक गौशाला में कम से कम 5000 गोवंश रखने की क्षमता है. वर्तमान में राज्य में करीब 10 लाख निराश्रित गोवंश, जिनमें से 4 लाख नए प्रोजेक्ट से सुरक्षित होंगे.

निराश्रित पशुओं और गौवंश के मामले पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि “मैं इस बात से पूर्णतः सहमत हूं कि निराश्रित गौवंश सड़कों पर है, और इसके पीछे अनेक कारण हैं. सबसे प्रमुख कारण यह है कि कुछ पशुपालकों ने उन्हें छोड़ दिया है. इनको व्यवस्थित करने के लिए हमारी सरकार ने स्वावलंबी गौशाला की एक महत्वपूर्ण योजना बनाई है, जिसे “गोवर्धन धाम” के नाम से विकसित किया जा रहा है. यह योजना निश्चित रूप से कारगर सिद्ध हो रही है. अभी सात स्थानों पर टेंडर हो चुके हैं, और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पंद्रह दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ हो जाएगा.”

विधायक अजय सिंह का आरोप : “रातभर टॉर्च लेकर खेतों में घूमते हैं किसान”

अजय सिंह राहुल ने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय सड़कें गोवंश से भरी रहती हैं, और किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए रात‑भर खेतों में टॉर्च लेकर गश्त करने को मजबूर हैं. उन्होंने यह भी पूछा कि मध्य प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं, इसकी जानकारी सदन को दी जाए. अजय सिंह ने सुझाव दिया कि पंचायतों को इसकी जिम्मेदारी दी जाए ताकि स्वावलंबन योजना लागू होने तक स्थिति नियंत्रित की जा सके. उन्होंने भोपाल के गोविंदपुरा में भी गोवंश की समस्या का उल्लेख किया.

जयवर्धन सिंह का बयान : ‘गौ मांस पर GST नहीं ले रही सरकार'

पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि सरकार ने विधानसभा में दिए एक जवाब में गलत तरीके से केंद्र का हवाला दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि गौ मांस पर सरकार कोई GST नहीं ले रही. वहीं शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने कहा कि बेसहारा गोवंश की वजह से सड़कों पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि गौशालाओं की हालत भी खराब है, जिससे गोवंश की उचित देखभाल नहीं हो पा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल नगर निगम क्षेत्र में लोग अपने घरों में कुत्ता पाल सकते हैं, लेकिन गाय पालने की अनुमति नहीं है.

हेमंत कटारे का दावा : “किसान करंट लगा देते हैं, दुर्घटनाओं में बच्चे भी झुलसते हैं”

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि गोवंश से परेशान किसान कभी‑कभी अपने खेतों में करंट लगा देते हैं, जिससे अनजाने में गोवंश की मौत हो जाती है और कई बार बच्चे भी इसकी चपेट में आ जाते हैं. उन्होंने बताया कि दुबई और ऑस्ट्रेलिया की कंपनियां गोवंश सुरक्षा के नाम पर टेंडर में आई हैं, लेकिन उनका लक्ष्य गौ मांस है. कटारे ने गोवंश की निगरानी और सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकर लगाने का सुझाव दिया.

विधानसभा अध्यक्ष का मत : “गो संवर्धन किसी एक पक्ष का विषय नहीं”

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा किसानों से जुड़ा है और सभी को मिलकर समाधान ढूंढने की जरूरत है. उन्होंने कहा "सड़क पर गाय रहने के लिए व्यवस्था जिम्मेदार है, न कि पशु. गौशालाओं की आय बढ़े तो व्यवस्था और सुधर सकती है."

कैलाश विजयवर्गीय का बयान : “गोवंश छोड़ेने वालों को 40 रुपये दें तो समस्या घटेगी”

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यदि गौशालाएं सही ढंग से चलें, तो स्थिति में बड़ा सुधार संभव है. उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग अपने गोवंश को छोड़ देते हैं, उन्हें यदि सरकार 40 रुपये प्रतिदिन दे, तो गोवंश को सड़कों पर आने से रोका जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं के चलते अगले दो वर्षों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार ने व्यापक चर्चा के बाद नई नीति बनाई है. कई गौशालाएं अभी खाली हैं. पानी की कमी और गलत साइट चयन जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं. कुल मिलाकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर ठोस समाधान की जरूरत पर जोर दिया.

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