
Mann Ki Baat 125th episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार, 31 अगस्त को मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के 125वें एपिसोड को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल में फुटबॉल क्रांति का जिक्र किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने मध्य प्रदेश के शहडोल में फुटबॉल क्रांति का जिक्र किया था. जर्मनी के एक बड़े कोच ने इस पहल को देखा और अब शहडोल के खिलाड़ियों को जर्मनी में ट्रेनिंग देने की इच्छा जताई है.
PM ने मन की बात में किया शहडोल में फुटबॉल क्रांति का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर है. इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के फुटबॉल कोच के शहडोल जिले के फुटबॉल खिलाड़ियों से जुड़ने का प्रसंग मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक पॉडकास्ट में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव विचारपुर का वर्णन किया था. यही बात जर्मनी के फुटबॉल खिलाड़ी और कोच डिडमार बायर डार्फड ने सुनी. शहडोल के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की रूचि और प्रतिभा ने फुटबॉल कोच को प्रभावित किया.
जर्मनी में ट्रेनिंग की मिली पेशकश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि शहडोल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी दूसरे देशों को भी आकर्षित करेंगे. अब जर्मनी के इस कोच ने शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एक ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग देने की पेशकश की है. मध्य प्रदेश की सरकार ने भी उनसे संपर्क किया है. जल्द ही हमारे कुछ युवा साथी फुटबॉल का प्रशिक्षण लेने के लिए जर्मनी जाएंगे. भारत में फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ रही है. देशवासियों से अपील है कि वे एक बार शहडोल जरूर जाएं और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रिवोल्यूशन को करीब से जरूर देखें. भारत में विकास की अनंत संभावनाएं छुपी हैं.
मिनी ब्राजील के नाम से प्रसिद्ध है शहडोल विचारपुर गांव
बता दें कि मिनी ब्राजील के नाम से प्रसिद्ध शहडोल के ग्राम विचारपुर की गूंज पूरे विश्व में सुनाई दे रही है. यह गौरव विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों की लगन, समर्पण और कड़ी मेहनत का नतीजा है. आगामी दिनों में 2 बालक फुटबॉल खिलाड़ी, 2 बालिका फुटबॉल खिलाड़ी और 1 फुटबॉल कोच जर्मनी अकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे.
चार खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी में लेंगे प्रशिक्षण
फुटबॉल कोच रईस अहमद ने बताया कि आगामी दिनों में 2 बालक फुटबॉल खिलाड़ी, 2 बालिका फुटबॉल खिलाड़ी और 1 फुटबॉल कोच जर्मनी अकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. उन्होंने कहा कि जर्मनी में होने वाला यह प्रशिक्षण खिलाड़ियों और कोच को न केवल आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार भी करेगा. विचारपुर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत, जुनून और सही दिशा में प्रयास करने से ग्रामीण प्रतिभाएँ भी विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकती हैं.
बता दें कि विचारपुर शहडोल जिला मुख्यालय से लगा हुआ है. यह आदिवासी बाहुल्य गांव है. यहां कई सालों से गांव का हर सदस्य फुटबॉल से जुड़ा है. विचारपुर गांव में रहने वाले कुंडे परिवार ने आज से कई साल पहले यहां के बच्चों को फुटबॉल के खेल से जोड़ा और फिर धीरे धीरे गांव का लगभग हर घरों से बच्चे फुटबॉल खेलने लगे. आज स्कूल स्तर, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं.