फेयरवेल पार्टी के नाम पर मैहर में नाबालिग छात्रों ने वाहनों की रैली निकाल दी. इस दौरान वे लग्जरी कारों को खुद ड्राइव करते हुए नजर आए, इस दौरान कई छात्र गाड़ियों की छत और दरवाजों पर बैठे दिखे. उन्होंने जमकर हुड़दंग मचाया और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गुजर गए.
यह सभी छात्र सांदीपनी शासकीय विद्यालय के बताए जा रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रों द्वारा कई वाहनों की रैली निकाली गई. इस दौरान कुछ युवक चलती कारों की छतों पर बैठे दिखाई दिए, तो कुछ तेज रफ्तार वाहनों के दरवाजों से लटककर स्टंट करते नजर आए. सड़क पर इस तरह का लापरवाह और खतरनाक व्यवहार न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन था, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता था.
फेयरवेल पार्टी के नाम मैहर में नाबालिग छात्रों ने वाहनों की रैली निकाल दी। नाबालिग छात्र लग्जरी कारों को ड्राइव करते हुए दिखे जबकि तमाम छात्र गाड़ियों की छत और गेट पर बैठ कर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा दी। बताया जा रहा है कि सांदीपनी शासकीय विद्यालय के कुछ छात्र-छात्राओं ने… pic.twitter.com/DVoroBBKW8
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) January 29, 2026
हैरानी की बात यह रही कि इस रैली में शामिल कई वाहन नाबालिग छात्रों द्वारा चलाए जा रहे थे. बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा नियमों का पालन किए वाहन चलाना कानूनन अपराध है, इसके बावजूद छात्रों में न तो कानून का डर नजर आया और न ही पुलिस कार्रवाई का कोई खौफ. पूरे घटनाक्रम को किसी राहगीर ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
कार्रवाई की उठी मांग
वीडियो वायरल होते ही शहर में चर्चा का माहौल बन गया और लोगों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर की सड़कों पर खुलेआम इस तरह का हुड़दंग चल रहा था, तब यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस कहां थी. यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इस तरह की अराजकता को रोका जा सकता था. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी छात्र या युवा ऐसा करने की हिम्मत न कर सके.