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This Article is From Dec 06, 2023

Maheshwar Assembly Seat: महेश्वर सीट पर चली बदलाव की बयार, कांग्रेस को हराकर BJP ने की वापसी

पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 208398 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधो को 83087 वोट देकर जिताया था. उधर, निर्दलीय उम्मीदवार मेव राजकुमार को 47251 वोट हासिल हो सके थे, और वह 35836 वोटों से हार गए थे.

Maheshwar Assembly Seat: महेश्वर सीट पर चली बदलाव की बयार, कांग्रेस को हराकर BJP ने की वापसी
महेश्वर सीट पर चली बदलाव की बयार, कांग्रेस को हराकर BJP ने की वापसी

MP Elections: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Assembly Elections 2023) राज्य में मालवा क्षेत्र के खरगोन लोकसभा में महेश्वर विधानसभा क्षेत्र है, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस बार के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है. महेश्वर सीट से BJP उम्मीदवार राजकुमार मेव को कुल 94383 वोट हासिल हुए हैं. वहीं, कांग्रेस उम्मेदवार डॉ. विजयलक्ष्मी साधो को कुल 88464 वोट पड़े. इस मुकाबले में कांग्रेस उम्मेदवार डॉ विजयलक्ष्मी साधो 5919 वोटों से हार गईं. उधर, बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार सुखराम उपाध्याय के नाम पर 1130 वोट पड़े और वो 93253 वोटों से हार गए. 

इस बार के चुनावों में पलट गई बाजी 

पिछले विधानसभा चुनाव, यानी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां कुल मिलाकर 208398 मतदाता थे, जिन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. विजयलक्ष्मी साधो को 83087 वोट देकर जिताया था. उधर, निर्दलीय उम्मीदवार मेव राजकुमार को 47251 वोट हासिल हो सके थे, और वह 35836 वोटों से हार गए थे. लेकिन इस बार के चुनावों में सियासी समीकरण उलटते हुए नज़र आया. जहां कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. विजयलक्ष्मी साधो को हार का सामना करना पड़ा. जनता ने इस बार BJP पर भरोसा जताते हुए राजकुमार मेव को कुल 94383 वोट देकर विजयी बनाया. वहीं, इस बार NOTA के नाम पर 1667 वोट पड़े.

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विधानसभा चुनाव 2018 में मध्य प्रदेश में 114 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में 109 सीटें आई थीं. बाद में कांग्रेस ने 121 विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल के सामने पेश किया और कमलनाथ ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ ली. लेकिन डेढ़ साल में ही राज्य में नया राजनीतिक तूफ़ान खड़ा हो गया, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ BJP में शामिल हो गए.

इससे BJP के पास बहुमत हो गया और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गए. हालांकि इसके बाद राज्य में 28 सीटों पर उपचुनाव हुए और BJP 19 सीट जीतकर मैजिक नंबर के पार जा पहुंची.

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