Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद भी भुगतान लंबित रखने के मामले में जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने पूर्व आदेश का पालन न होने पर नाराज़गी जताते हुए यह दंड अधिरोपित किया.
अदालत ने विभाग को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर लंबित भुगतान से जुड़ी कार्यवाही पूर्ण कर उसकी जानकारी प्रस्तुत की जाए. आदेश का पालन न होने की स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को स्वयं न्यायालय में उपस्थित होना पड़ेगा. मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गई है.
ये है मामला
प्रकरण सदर, जबलपुर निवासी प्रकाश नारायण गुप्ता की याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखते हुए बताया कि वर्ष 2010 में सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें न तो देय भुगतान मिला और न ही पेंशन स्वीकृत हुई, जिससे परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है.पूर्व सुनवाई 12 जनवरी को हुई थी, जिसमें न्यायालय ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिए थे कि जिला शिक्षा अधिकारी से स्पष्ट जानकारी लेकर शपथपत्र प्रस्तुत किया जाए और 7 फरवरी 2011 के पत्र के बाद उठाए गए कदमों का ब्यौरा दिया जाए. आदेश के बावजूद संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर न्यायालय ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए जुर्माने की कार्रवाई की.
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