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This Article is From Jan 28, 2026

जबलपुर दाल उपार्जन घोटाला: भुगतान न मिलने से किसानों का आक्रोश, धांधली का लगाया आरोप

जबलपुर दाल उपार्जन घोटाले में मूंग‑उड़द खरीदी के भुगतान न मिलने से किसान आक्रोशित हैं. मजीठा वेयरहाउस पर किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ प्रदर्शन किया और तत्काल भुगतान या उपज वापस करने की मांग की.

जबलपुर दाल उपार्जन घोटाला: भुगतान न मिलने से किसानों का आक्रोश, धांधली का लगाया आरोप

Jabalpur Dal Procurement Scam: जबलपुर जिले में दाल उपार्जन घोटाले का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है. मूंग और उड़द की खरीदी में हुई गड़बड़ियों के बाद जहां प्रशासन ने दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर दी है, वहीं अपनी उपज का भुगतान न मिलने से किसान भारी संकट में हैं. भुगतान अटकने से नाराज़ किसानों ने बुधवार को उपार्जन केंद्र पर जोरदार विरोध किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई.

भुगतान न मिलने पर भड़के किसान

मजीठा वेयरहाउस स्थित उपार्जन केंद्र पर किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचकर प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि उन्होंने तय प्रक्रिया के अनुसार मूंग और उड़द उपार्जन केंद्र पर जमा की थी और रसीद भी उन्हें मिल गई थी. लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद न तो भुगतान मिला और न ही प्रशासन द्वारा कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है.

किसानों बोले- या भुगतान दो, या उपज वापस करो

किसानों ने साफ कहा कि अगर सरकार भुगतान नहीं कर सकती, तो उनकी उपज उन्हें लौटा दी जाए. कई किसानों का कहना था कि उपज बेचने के लिए उन्होंने कर्ज लिया था, अब भुगतान न होने से आर्थिक संकट गहरा गया है. वेयरहाउस में जमा लाखों रुपये की दाल उनके लिए उम्मीद का सहारा बनी हुई है.

धांधली के आरोपियों पर दर्ज हुई एफआईआर

जिला प्रशासन का कहना है कि मूंग‑उड़द खरीदी में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है. जांच के बाद करीब 10 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है. प्रशासन का तर्क है कि जब तक आरोपियों से राशि की वसूली नहीं हो जाती, किसानों को भुगतान कर पाना संभव नहीं होगा.

करोड़ों रुपये का भुगतान अटका

इस घोटाले में किसानों का करोड़ों रुपये अटका हुआ है. किसान कहते हैं कि गड़बड़ी उन्होंने नहीं की, फिर भी नुकसान उन्हें झेलना पड़ रहा है. भुगतान न मिलने से कई किसान बीज, खाद और सिंचाई के खर्च पूरे नहीं कर पा रहे हैं. उनकी फसलों की अगली तैयारी भी प्रभावित हो रही है.

आंदोलन उग्र करने की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उनका कहना था कि भरोसेमंद व्यवस्था न होने से उनका भविष्य अधर में लटका है.

प्रशासन का भरोसा- किसानों को मिलेगा पैसा

एसडीएम ऋषभ जैन ने किसानों को आश्वस्त किया कि दोषियों की संपत्ति कुर्क कर राशि वसूली जाएगी और वह रकम किसानों को दी जाएगी. इस आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन को 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया है.

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