
Indore Municipal Corporation Controversy: मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम परिसर में बजट सत्र के दौरान नमाज पढ़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले में अपना बयान दिया और स्पष्ट किया कि सभापति ने नगर निगम परिसर में नमाज पढ़ने की कोई अनुमति नहीं दी थी.
महापौर ने कहा कि बजट सत्र में करीब 9 घंटे तक सभी पार्षदों ने अपने विचार रखे और सार्थक चर्चा हुई. सत्र के दौरान सामान्य लंच ब्रेक होता है और सभापति ने लंच ब्रेक की घोषणा भी की. इसके बावजूद, सभापति जी ने कभी भी परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी थी.
‘बिना अनुमति के करना सही नहीं'
आगे उन्होंने कहा- मैं व्यक्तिगत रूप से भी उनसे बात की, और उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई अनुमति नहीं दी. उन्होंने आगे कहा कि नमाज नवीन भवन के एक कमरे में पढ़ी गई, जो कि बिना अनुमति के किया गया. अनुमति लेकर और व्यवस्थित तरीके से ही यह कार्य किया जाना चाहिए था. बिना अनुमति के करना सही नहीं है.
महापौर ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी ने इस संबंध में कोई व्हीप जारी नहीं किया था और यदि नमाज पढ़नी थी, तो नगर निगम परिसर के आसपास इसे पढ़ा जा सकता था.
यह भी पढ़ें- बहू का एक और खौफनाक वीडियो ! ग्वालियर में सास को पटक कर बेरहमी से पीटा, पति को भी पिटवाया