Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में सरकारी नलों से ‘जहर' की सप्लाई थमने का नाम नहीं ले रही है. इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत के बाद अब रायसेन जिले में भी हालात भयावह होते नजर आ रहे हैं. रायसेन के औद्योगिक नगर मंडीदीप में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने से नागरिकों का सब्र टूट गया है.
नल-जल और नर्मदा योजना के दावों पर सवाल
दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हर घर नल-जल योजना और नर्मदा नल योजना के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है. इंदौर के बाद अब रायसेन में भी सरकारी दावों की पोल खुलती दिखाई दे रही है.
मंडीदीप के महावीर नगर में बिगड़े हालात
रायसेन जिले के औद्योगिक नगर मंडीदीप के वार्ड नंबर 1 स्थित महावीर नगर में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब कॉलोनी में सप्लाई हो रहे दूषित पानी के खिलाफ महिलाओं और रहवासियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. आक्रोशित महिलाओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही के आरोप
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रियंका राजेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष पति, उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पति प्रेमशंकर साहू पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए. महिलाओं का कहना है कि बीते तीन दिनों से गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं किया गया.

बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खतरा
महिलाओं ने बताया कि दूषित पानी से बच्चों, बुजुर्गों और पूरे परिवार के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. लोगों ने आशंका जताई कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो मंडीदीप में भी इंदौर जैसे हालात बन सकते हैं.
पालिकाध्यक्ष के घर के सामने फोड़ी चूड़ियां
आक्रोश इस कदर बढ़ गया कि वार्ड नंबर 1 की महिलाएं नगर पालिका अध्यक्ष के निवास के सामने पहुंच गईं. यहां महिलाओं ने प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां फोड़कर विरोध दर्ज कराया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका सीएमओ सहित जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि शहर से बाहर हैं, जिससे जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है.
क्या बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही नगर पालिका?
गौर करने वाली बात यह है कि दूषित पानी को लेकर यह पहला विरोध नहीं है. इससे पहले भी नगरवासियों ने हंगामा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में लोगों का सवाल है कि क्या नगर पालिका किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है.