Indore Contaminated water issue: कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में पानी दूषित होने की घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं इंदौर को बार-बार मिलने वाले स्वच्छता और विकास से जुड़े पुरस्कारों पर सवाल खड़े करती हैं.
कांग्रेस के नेता हरीश रावत ने कहा कि यदि किसी शहर में पीने का पानी लोगों की जान के लिए खतरा बन जाए, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इंदौर जैसे शहर में जिसे देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता है, ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, तो मध्य प्रदेश के अन्य शहरों की हालत क्या होगी, यह सोचने का विषय है.
भागीरथपुरा क्षेत्र में फैली बीमारी
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में हाल ही में पानी की पाइपलाइन में गंदा पानी या सीवेज मिल जाने के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए. दूषित पानी पीने से लोगों को दस्त, उल्टी और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हुईं. इस घटना में कई लोगों की मौत की भी सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और निर्धारित समय में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. शहरी विकास मंत्री के. कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि लगभग 1400 लोग बीमार हुए, जिनमें से करीब 200 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है.
विपक्ष का आरोप
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर लापरवाही और खराब प्रबंधन का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार केवल शहर की छवि और पुरस्कारों पर ध्यान दे रही है, जबकि मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता की अनदेखी हो रही है.
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