Indore Contaminated Water: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों को सबसे खतरनाक GBS बीमारी होने का चौंका देने वाला मामला सामने आया है. GBS का मतलब गुइलेन बैरे सिंड्रोम है, जो गंदे पानी के सेवन से होती है. इसका इलाज काफी महंगा बताया जा रहा है.
दरअसल, साल 2025 के अंतिम सप्ताह में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायतें शुरू हुईं और देखते ही देखते लोगों की मौतें भी होने लगीं. करीब 200 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया. 4 जनवरी 2026 तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि इंदौर जिला प्रशासन ने दूषित पानी के सेवन से 6 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है.
Indore Water News: पार्वती बाई को GBS बीमारी
इंदौर में दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों पर खतरा अभी टला नहीं है. करीब 150 लोग अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में उपचाररत हैं. इन्हीं में से एक मरीज पार्वती बाई के GBS बीमारी की चपेट में आने की पुष्टि हुई है. पार्वती बाई भागीरथपुरा की ही रहने वाली हैं, जहां सरकारी नलों में गंदा पानी सप्लाई हुआ था.

Indore Contaminated Water: इंदौर के एक क्लिनिक के बाहर मरीजों की भीड़. Photo Credit: IANS
भागीरथपुरा की पार्वती बाई उल्टी-दस्त से GBS तक
पार्वती बाई के परिजन प्रदीप कोडला ने बताया कि 27 दिसंबर 2025 को उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी. 28 दिसंबर को भागीरथपुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत में सुधार नहीं होने पर 31 दिसंबर को ICU में शिफ्ट किया गया. 1 जनवरी 2026 को आई जांच रिपोर्ट में GBS नामक गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई.
गुइलेन बैरे सिंड्रोम (GBS) क्या है?
डॉक्टरों के अनुसार GBS एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक बीमारी है. इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपनी ही नसों पर हमला करने लगती है. इससे हाथ-पैर में झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी शुरू होती है. स्थिति बिगड़ने पर मरीज को चलने, बोलने और सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है. कई मामलों में शरीर लकवाग्रस्त हो सकता है. GBS के करीब 10 प्रतिशत मामलों में मरीज की मौत भी हो जाती है.

Indore Water Contamination: इंदौर दूषित पानी कांड के जलापूर्ति को आया टैंकर. Photo Credit: IANS
GBS का इलाज: 15 लाख रुपए तक खर्च
GBS से पीड़ित मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है. इलाज में 30 हजार रुपए तक कीमत के विशेष इंजेक्शन लगाए जाते हैं. एक मरीज पर इलाज का कुल खर्च 10 से 15 लाख रुपए तक पहुंच सकता है. कई मामलों में 30-30 हजार रुपए के करीब 10 इंजेक्शन भी लगाने पड़ते हैं.
डॉक्टरों की राय: GBS की शुरुआत पेट में इंफेक्शन से
मीडिया से बातचीत में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अपूर्व पौरणिक ने जीबीएस को दुर्लभ व बेहद खतरनाक बीमारी बताया. उन्होंने बताया कि GBS की शुरुआत पेट में इंफेक्शन फैलने से होती है. हालांकि जीबीएस से पीडित 70 फीसदी मरीज रिकवर कर जाते हैं, मगर समय पर इलाज नहीं मिलने पर मौत या स्थायी रूप से लकवाग्रस्त हो जाने का खतरा भी मंडराता रहता है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के हाल जाने. Photo Credit: IANS
दो-दो लाख की मदद का ऐलान
इंदौर दूषित पानी कांड में लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की भजनलाल सरकार ने मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी.
इंदौर में गंदे पानी से मरने वालों की सूची
- उर्मिला यादव (60)
- नंदलाल पाल (75)
- उमा कोरी (31)
- मंजुला (74)
- ताराबाई कोरी (60)
- गोमती रावत (50)
- सीमा प्रजापत (50)
- जीवन लाल (80)
- अव्यान साहू (5 माह)
- अरविंद लिखर
- गीताबाई
- अशोक लाल पंवार
- संतोष बिगोलिया
- शंकर भैया (70)
- सुमित्रा बाई
- हीरालाल (65)
इंदौर नगर निगम आयुक्त हटाए गए
जांच के दौरान भागीरथपुरा इलाके में पेयजल की मुख्य पाइप लाइन में लीकेज पाया गया, जिसके जरिए दूषित पानी घरों तक नलों में पहुंचा. पूरे मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया है. उनकी जगह IAS क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम आयुक्त नियुक्त किया गया है. इसके अलावा अन्य लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है.

indore water crisis: इंदौर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. Photo Credit: IANS
इंदौर में मौतों पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों पर सियासत का रंग भी चढ़ने लगा है. 3 जनवरी 2026 को भागीरथपुरा इलाके में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने–सामने हो गए. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘बाहरी लोग वापस जाओ' के नारे लगाए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगाए.
हालात बिगड़ने पर इंदौर पुलिस ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया. बाद में सभी को छोड़ दिया गया.
इंदौर दूषित पानी कांड को लेकर कांग्रेस की ओर से 4 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश में भाजपा के विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के आवास का घेराव किया गया. कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है. वहीं 11 जनवरी 2026 को कांग्रेस की ओर से जनआंदोलन प्रस्तावित किया गया है.
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