Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है. शनिवार को कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हो गए. कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए भागीरथपुरा पहुंचा, जहां उसे स्थानीय रहवासियों और भाजपा नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा. बीजेपी कार्यकर्ता 'बाहरी लोग वापस जाओ' के नारे लगा रहे हैं तो कांग्रेसी 'घंटा पार्टी मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे हैं. किसी ने काले झंडे दिखाए तो किसी ने काली चूड़ियां फेंकी.
खबर है कि पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे आदि को इंदौर पुलिस ने हिरासत में लिया है.
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार दूषित पेयजल त्रासदी को लेकर कांग्रेस ने पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा की अगुवाई में जांच समिति गठित की है, जिसमें विधायक महेश परमार और प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं. समिति के सदस्य जब स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो वहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया. दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई, यहां तक कि चप्पलें भी फेंकी गईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और 10 महिलाओं समेत 45 लोगों को एहतियातन हिरासत में लेकर बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया. कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को भाजपा के इशारे पर बताया, जबकि भाजपा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया.
कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफ़ा 11 जनवरी तक लो
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी को अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाते हुए 11 जनवरी तक कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफ़ा लेना चाहिए, वरना मैं पूरी मध्य प्रदेश कांग्रेस के साथ माँ अहिल्या बाई की नगरी इंदौर में धरने पर बैठूंगा. वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लिखा कि कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा और महापौर पर FIR दर्ज करो, वरना 11 जनवरी को इंदौर में कांग्रेस का जंगी आंदोलन होगा.

घंटा लेकर पहुंचे कांग्रेसी
इंदौर के भागीरथपुरा में कांग्रेसी कार्यकर्ता 'घंटा' लेकर भी पहुंचे, जिसे इंदौर पुलिस ने जब्त कर लिया. बता दें कि नए साल पर इंदौर दूषित पानी केस पर सवाल पूछे जाने पर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित शब्द 'घंटा' देश भर में गूंजा था. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ में घंटे के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पोस्टर भी था, जिस पर बेशर्म मंत्री लिखा था.

इंदौर में पुलिस ने जप्त किया घंटा... भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड से 15 की मौत हो गई है। इसी मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित शब्द घंटा देश भर में गूंजा। कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने घंटा भी जप्त किया।। pic.twitter.com/RSclb40ilr
— SanjayGupta_Journalist (@sanjaygupta1304) January 2, 2026
जानकारी के अनुसार इंदौर के भागीरथपुरा में कांग्रेस द्वारा दूषित पानी हादसे की जांच के लिए पहले ही पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. इसी कमेटी की जांच रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल इलाके में पहुंचा था.
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचते ही मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और स्थानीय रहवासियों ने कांग्रेस नेताओं का विरोध शुरू कर दिया. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ रहवासियों ने भी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की. विरोध कर रहे लोगों ने “बाहरी व्यक्ति वापस जाओ” के नारे लगाए.

घटना के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा. हालांकि बाद में स्थिति को संभाल लिया गया. हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं. मौके पर इंदौर के कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है.
क्षितिज सिंघल इंदौर नगर निगम के नए आयुक्त
इंदौर में दूषित पानी से मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटा दिया है. अब उनकी जगह आईएएस क्षितिज सिंघल को लगाया गया है. सिंघल मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वहां से 3 जनवरी 2026 को उनका तबादला इंदौर नगर निगम आयुक्त पद पर हुआ है.
इंदौर के नए आयुक्त क्षितिज सिंघल मध्य कैडर में साल 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. ये उज्जैन नगर निगम के आयुक्त पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं. उज्जैन में उनका कार्यकाल प्रशासनिक सख्ती और विकास कार्यों को गति देने के लिए याद किया जाता है.
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भागीरथपुरा इलाके में पहुंचे कलेक्टर
इंदौर जिला कलेक्टर शिवम वर्मा दूषित पानी आपूर्ति से प्रभावित इलाके भागीरथपुरा का दौरा किया. इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने भागीरथपुरा में एक टैंकर से पानी भी पीकर देखा. वहीं, दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जो डॉक्टर बता रहे हैं, उन्हें दूषित पानी के सेवन से मौत माना जा रहा है. अभी आधिकारिक तौर पर 6 की मौत की पुष्टि हुई है. इलाके में रिंग सर्वें भी किया जा रहा हैं. जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर का पैनल बनाया गया है.
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