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Indore Dirty Water Deaths: 'जहरीले पानी' से मौतों के बाद बड़ा एक्शन; CM मोहन ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

Indore Contaminated Water Case: लगातार आठ वर्षों तक भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा इंदौर इस समय गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. भागीरथपुरा इलाके में एक शौचालय के पास पाइपलाइन लीक होने से नगर निगम की पानी सप्लाई में सीवेज मिल गया, जिसके कारण दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं.

Indore Dirty Water Deaths: 'जहरीले पानी' से मौतों के बाद बड़ा एक्शन; CM मोहन ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग
Indore Dirty Water Deaths: 'जहरीले पानी' से मौतों के बाद बड़ा एक्शन; CM मोहन ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

Indore Contaminated Water Case CM Mohan Yadav: इंदौर में दूषित पेयजल से फैले गंभीर स्वास्थ्य संकट के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने आज सुबह मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए. अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) की रिपोर्ट पर भी विचार किया गया. सरकार ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लेने का आदेश दिया गया है. नगर निगम में रिक्त पदों की तत्काल पूर्ति करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर आज शाम वर्चुअल हाई-लेवल समीक्षा बैठक बुलाई है. बैठक में 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त और कलेक्टर शामिल होंगे. स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और पीएचई विभाग की संयुक्त समीक्षा भी की जाएगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंदौर जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रदेशभर में जल वितरण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा होगी.

इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी संकट पर स्टेटस रिपोर्ट पेश की है. लगभग 15 पेज की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत हुई है और करीब 200 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 35 आईसीयू में हैं. यह मामला इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रितेश इनानी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. कोर्ट ने अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है.

लगातार आठ वर्षों तक भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा इंदौर इस समय गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. भागीरथपुरा इलाके में एक शौचालय के पास पाइपलाइन लीक होने से नगर निगम की पानी सप्लाई में सीवेज मिल गया, जिसके कारण दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं. हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार मृतकों की संख्या 15 तक हो सकती है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के बीच टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति जारी रखें और प्रभावित लोगों को मेडिकल केयर उपलब्ध कराएं.

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