Illegal Liquor Shop Newr Girls Intitute in Khandwa: खंडवा में शिक्षण संस्थान के पास संचालित एक शराब दुकान को लेकर छात्राओं का गुस्सा और चिंता अब खुलकर सामने आ गई है. किचियन महिला बुनियादी प्रशिक्षण संस्था की बड़ी संख्या में डीएलएड छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की.
छात्राओं ने साफ शब्दों में कहा कि शराब दुकान के कारण संस्थान तक आने-जाने का रास्ता उनके लिए असुरक्षित बन गया है, जिससे पढ़ाई और मानसिक शांति दोनों प्रभावित हो रहे हैं.
140 छात्राएं पढ़ती हैं संस्थान में
किचियन महिला बुनियादी प्रशिक्षण संस्था गणेश तलाई रोड पर स्थित है, जहां डीएलएड (शिक्षक प्रशिक्षण) पाठ्यक्रम संचालित होता है. इस संस्था में करीब 140 छात्राएं पढ़ रही हैं. छात्राओं और संस्था प्रबंधन के अनुसार संस्थान के मुख्य गेट से महज 100 मीटर की दूरी पर एक अवैध शराब दुकान बीते दो से तीन वर्षों से संचालित हो रही है. इसी दुकान के चलते छात्राओं को रोजाना कई तरह की असहज और डराने वाली परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है, क्योंकि यहां आए दिन शराबी नशे में उधम मचाते नजर आते हैं.
दिनभर नशेड़ी सड़क किनारे शराब पीते नजर आते हैं
छात्राओं ने जनसुनवाई में बताया कि शराब दुकान के आसपास दिनभर नशे में धुत लोग खड़े रहते हैं. कई लोग सड़क किनारे ही शराब पीते हैं और खुले में बाथरूम तक करने लगते हैं. इससे पूरे इलाके का माहौल खराब होने के साथ-साथ छात्राओं के लिए असुरक्षा और असहजता बढ़ जाती है. छात्राओं का कहना है कि जब वे सुबह या शाम को संस्थान पहुंचती हैं, तो उन्हें कई बार घूरने, छींटाकशी और बदतमीजी का सामना करना पड़ता है.
फब्तियां और अभद्र टिप्पणियां आम बात है
छात्राओं के मुताबिक, शाम के वक्त शराब दुकान के आसपास मनचले लड़कों की भीड़ और ज्यादा बढ़ जाती है. वे छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं. अभद्र टिप्पणियां करते हैं और कई बार जानबूझकर रास्ते में रुकावट डालते हैं. छात्राओं का कहना है कि यह स्थिति केवल असहज ही नहीं करती हैं, बल्कि यह एक बहुत ही बड़ा खतरा है, जो कभी भी शिकार बना सकती है. हालत ये है कि कई छात्राएं अब अकेले उस रास्ते से गुजरने में डरने लगी हैं.
दो बार पीछा और छेड़छाड़ की कोशिश से छात्राएं डरीं
जनसुनवाई में छात्राओं ने यह गंभीर आरोप भी लगाए कि हाल ही में एक छात्रा के साथ दो बार पीछा किए जाने और छेड़छाड़ की कोशिश की गई. इस घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल है. छात्राओं ने कहा कि उनका ध्यान पढ़ाई में लगना चाहिए, लेकिन यहां रोजाना सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है. कुछ छात्राएं मानसिक दबाव में रहने लगी हैं और परिवार भी लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि बेटियां सुरक्षित हैं या नहीं.
पहले भी दिया आवेदन, पर नहीं हुई कार्रवाई
संस्था प्रबंधन ने बताया कि इस समस्या को लेकर पहले भी आबकारी विभाग में आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि शराब दुकान संचालक बातचीत करने पर नकारात्मक रवैया अपनाता है और दुकान हटाने से साफ इनकार करता है. इसके चलते छात्राओं और संस्था प्रतिनिधियों ने अब कलेक्टर से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है.
दुकान हटाएं, ताकि बिना डर कर सकें पढ़ाई
जनसुनवाई में पहुंची छात्राओं ने कलेक्टर से आग्रह किया कि शिक्षण संस्था के पास संचालित शराब दुकान को तत्काल हटाया जाए. उनका कहना है कि जब तक रास्ता सुरक्षित नहीं होगा, तब तक वे खुलकर पढ़ाई नहीं कर पाएंगी. छात्राओं ने मांग की है कि “हम शिक्षक बनने पढ़ रहे हैं, लेकिन यहां खुद सुरक्षित नहीं हैं. यह रास्ता हमारे लिए सुरक्षित नहीं.”
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अब देखना यह होगा कि जनसुनवाई में उठे इस गंभीर मुद्दे पर जिला प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है. हालांकि, छात्राओं को उम्मीद है कि जल्द ही शराब दुकान हटेगी और शिक्षा का माहौल सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा.
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