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खाकी को सलाम... मानसिक रूप से बीमार नेपाली युवक सालभर से था लापता, पुलिस के प्रयासों से ऐसे पहुंचा घर

MP News: पुलिस द्वारा गांव में मिले युवक को ग्वालियर स्वर्ग सेवा सदन आश्रम छोड़ा गया. पुलिस के प्रेमपूर्वक बात की, आश्रम की सेवा के बाद आकाश ने बताया कि वह नेपाल का रहने वाला है. जिस पर थाना प्रभारी ने नेपाल दूतावास में संपर्क कर आकाश के भाई बैशाकी लोधी को सूचना दी. जो 15 दिन बाद अपने भाई को लेने ग्वालियर पहुंचा.

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खाकी को सलाम... मानसिक रूप से बीमार नेपाली युवक सालभर से था लापता, पुलिस के प्रयासों से ऐसे पहुंचा घर

Positive Police Stories: आम तौर पुलिस (Police) द्वारा किये जाने वाले दुर्व्यहार की खबरें सुर्खियों में देखने व सुनने को मिलती है, लेकिन यह खबर कुछ अलग है. इसके लिए ग्वालियर पुलिस (Gwalior Police) को सैल्यूट किया जा रहा है. एक साल पहले नेपाल (Nepal) से लापता (Missing Person) हुए एक मानसिक व्याधियों (Mental Ill) से जूझ रहे युवक को पुलिस ने केवल खोजा, बल्कि उसका संरक्षण किया और चौदह दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उसके परिजनों को ग्वालियर (Gwalior) बुलवाया और जब उनको युवक के सामने खड़ा किया तो उसके चेहरे पर चमक आई. इसके बाद उसने बोला थैंक यू पुलिस, आई गो टू होम. 

कैसे मिला युवक? 

 बीती 21 मई को सोनेपुरा गांव से मोनू पाराशर नाम के लड़के ने एसडीओपी (SDOP) बेहट संतोष पटेल (Santosh Patel) को बताया कि एक लड़का गांव में आया है, जो रो रहा है और कुछ नाम पता नहीं बता रहा है. एसडीओपी ने थाना प्रभारी हस्तिनापुर राजकुमार राजावत को मौके पर जांच के लिए भेजा.

पुलिस द्वारा गांव में मिले युवक को ग्वालियर स्वर्ग सेवा सदन आश्रम छोड़ा गया. पुलिस के प्रेमपूर्वक बात की, आश्रम की सेवा के बाद आकाश ने बताया कि वह नेपाल का रहने वाला है. जिस पर थाना प्रभारी ने नेपाल दूतावास में संपर्क कर आकाश के भाई बैशाकी लोधी को सूचना दी. जो 15 दिन बाद अपने भाई को लेने ग्वालियर पहुंचा.

परिजनों को देखकर आकाश बहुत खुश नजर आया और उसने एसडीओपी से इंग्लिश में बात की. ग्वालियर से गोरखपुर जाने वाली बरौनी एक्सप्रेस में पहुंचने के लिए समय न होने पर पुलिस उसे अपनी गाड़ी से रेलवे स्टेशन लेकर गई और वहां ट्रेन में पुलिस ने सीट में बैठाकर आकाश को उसके भाई वैशाकी व मामा के लड़के के साथ खुशी-खुशी अपने देश नेपाल के लिए रवाना किया.

मानसिक रूप से बीमार लेकिन 3 भाषाओं का है जानकार

यह युवक तीन भाषाओं का जानकार है, लेकिन कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ्य हो गया. एक वर्ष पहले अचानक लापता हो गया था. युवक को घर पहुंचाने में थाना प्रभारी राजकुमार राजावत ने विशेष भूमिका निभाई. उनके द्वारा युवक का आधार कार्ड खोजा और नेपाल दूतावास से संपर्क कर परिजनों को नेपाल से बुलाया. इस सराहनीय काम में प्रधान आरक्षक मनोज भदौरिया, आरक्षक सुनील परिहार के साथ-साथ स्वर्ग सेवा सदन के संचालक पवन सूर्यवंशी व उनकी टीम की भी अहम भूमिका रही.

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