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जीवाजी यूनिवर्सिटी का बड़ा कारनामा, वरिष्ठता सूची में मृत और रिटायर्ड प्रोफेसरों का नाम डाल दिया, मचा हड़कंप

Universtiy Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी द्वारा साल 2026 के लिए जारी की गई सीनियरिटी सूची में शामिल दो प्रोफेसर 5-7 साल पहले दिवंगत हो चुके है. यूनिवर्सिटी के कुलसचिव द्वारा जारी सिनियारिटी सूची में अनेक ऐसे प्रोफसर्स के नाम हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं. यह जानकर आप मुस्कुराए बिना नहीं रह सकेंगे कि ऐसे प्रोफसरों की संख्या एक नहीं, बल्कि कुल 14 है.

जीवाजी यूनिवर्सिटी का बड़ा कारनामा, वरिष्ठता सूची में मृत और रिटायर्ड प्रोफेसरों का नाम डाल दिया, मचा हड़कंप
DECEASED AND RETIRED PROFESSORS FOUND IN UNIVERSTIY SENIORITY LIST

 Jiwaji University: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी यूनिवर्सिटी में हुआ बड़ा कारनामा उजागर हुआ है. यूनिवर्सिटी प्रशास ने सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसरों की साल 2026 की सीनियरिटी सूची में 5-7 पहले मर चुके और रिटायर प्रोफेसर्स को डालने का मामला साने आया है. यूनिवर्सिटी की चौँकाने वाली लापरवाही सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. सवाल उठ रहा है कि क्या बगैर जांच पड़ताल किए वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई.

जीवाजी यूनिवर्सिटी द्वारा साल 2026 के लिए जारी की गई सीनियरिटी सूची में शामिल दो प्रोफेसर 5-7 साल पहले दिवंगत हो चुके है. यूनिवर्सिटी के कुलसचिव द्वारा जारी सिनियारिटी सूची में अनेक ऐसे प्रोफसर्स के नाम हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं. यह जानकर आप मुस्कुराए बिना नहीं रह सकेंगे कि ऐसे प्रोफसरों की संख्या एक नहीं, बल्कि कुल 14 है.

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जीवाजी यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे है सवाल

यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से की गई इस लापरवाही से न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता भी संकट में आ गया है. जारी हुई सूची ने हास्यास्पद स्थिति भी पैदा कर दी है. हास्यास्पद बात यह है कि जारी की गई सीनियरिटी सूची के आधार पर ही विश्वविद्यालय द्वारा प्रोफेसरों को बोर्ड ऑफ स्टडीज का चेयरमैन और डीन जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए प्रस्तावित किए जाते है.

सीनियारिटी सूची में शामिल हुए थे 2 मृत और 14 रिटायर्ड प्रोफसर्स

गौरतलब है सीनियारिटी सूची में शामिल प्रोफसर्स को ही एक्सपर्ट पैनल में शामिल किया जाता है, लेकिन सिनियारिटी सूची में शामिल मृत औऱ सेवानिवृत्त प्रोफेसर्स के नाम शामिल होने से पूरी प्रक्रिया ही गड़बड़ा गई है. विवि में यह सूची तैयार करने की जिम्मेदारी विकास और स्थापना शाखा की होती है. मामले का खुलासा तब हुआ जब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सूची को अंतिम रूप देने से जानकारी मिलान की.

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सीनियारिटी सूची में शामिल दो प्रोफसर्स की 5-7 साल पहले हुई थी मौत

उल्लेखनीय है जीवाजी यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई सीनियारिटी सूची में शामिल दो लोगों की बहुत पहले मौत चुकी है. इनमें गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज दतिया की सोशियोलॉजी की प्रो. शशि जादौन, जिनका 23 अप्रैल 2021 को निधन हो चुका है औऱ MLB कॉलेज ग्वालियर के फिलॉस्फी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.अशोक कुमार सिंह शामलि हैं, जिका गत 19 मार्च 2019 को निधन हो चुका है.

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