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This Article is From Jul 02, 2025

Gwalior की बदहाल सड़कों पर सियासत, प्रभारी मंत्री को खोजने वाले को कांग्रेस देगी 11 हजार का इनाम

Gwalior News: ग्वालियर में नगर निगम और स्मार्ट सिटी द्वारा एक महीने पहले बनाई गई सड़कों में सुरंग नजर आने लगी हैं. मानसून की पहली बारिश के बाद जीवाजी क्लब के पास स्थित महल रोड धंसी थी. न सिर्फ सड़क धंसी थी, बल्कि उसके नीचे सुरंग नजर आ रही थी.

Gwalior की बदहाल सड़कों पर सियासत, प्रभारी मंत्री को खोजने वाले को कांग्रेस देगी 11 हजार का इनाम

Madhya Pradesh News: ग्वालियर शहर में भ्रष्टाचार से बनी सड़कों और मानसून की पहली बारिश में जल मग्न हुए शहर को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है. राहुल गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक सोशल मीडिया पर घटिया सड़क को लेकर पोस्ट शेयर कीं और सरकार पर निशाना साधा. अब कांग्रेस ने बदहाल सड़कों को अनदेखा करने वाले जिले के प्रभारी मंत्री को खोजने की अपील की है. साथ ही खोजने वाले को 11 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की. इनामी घोषणा में ये भी कहा है कि प्रभारी मंत्री को सिर्फ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया ही खोजकर ला सकते हैं.

ग्वालियर में रोड धंसी तो नजर आई सुरंग

ग्वालियर शहर की एक विशेष सड़क सरकार के लिए मुसीबत बनी हुई हैं. करोड़ों की लागत से बनी एजीऑफिस से चेतकपुरी होते हुए महल गेट तक जाने वाली यह सड़क बनने के साथ ही धंसने लगी. यह सड़क चौदह दिन में सात जगहों पर धंस चुकी हैं. इसके नीचे सुरंग नुमा गड्डे निकल रहे हैं. अब  इसे लेकर सियासत भी तेज हो गई है.

कांग्रेस ने प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को खोजने की अपील की

कांग्रेस ने शहर की बदहाल सड़क और ड्रेनेज सिस्टम की बदहाली को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं और जिले के प्रभारी मंत्री को गैर जिम्मेदार बताते हुए सोशल मीडिया पर प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को खोजने वाले व्यक्ति को 11 हजार रुपये का पुरस्कार देने का भी ऐलान कर दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि प्रभारी मंत्री को सिर्फ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ही खोज सकते हैं, लेकिन उन्हें 11 हजार रुपये की पुरस्कार की जरूरत नहीं है.

तुलसीराम सिलावट को खोजने वाले को दिया जाएगा 11 हजार रुपये का इनाम

इधर, बीजेपी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को नकार दिया है. बीजेपी का कहना है कि बारिश के कारण सड़के खराब हो गई हैं, लेकिन फिर भी सड़कों को वापस दुरुस्त किया जा रहा है. प्रभारी मंत्री और केंद्रीय मंत्री सिंधिया लगातार ग्वालियर में सक्रिय रहते हैं. कांग्रेस बताएं कमलनाथ की सरकार में कितनी बार प्रभारी मंत्री या कमलनाथ ग्वालियर आए या किसी तहसील में पहुंचे? कांग्रेस बेमतलब सड़कों के नाम पर सियासत कर रही है.

सिंधिया महल तक जाती है यह सड़क

बता दें कि सिंधिया के महल से गुजरने वाले एक नाले यानी स्ट्रोम वाटर ड्रेनेज पाइप लाइन को बायपास करने के लिए चेतकपुरी से फूलबाग तक मिलने के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी और नियमों का पालन न करते हुए सड़क को समतल कर दिया गया था, लेकिन सड़क निर्माण में हुए भारी भ्रष्टाचार और तकनीकी गड़बड़ियों का खुलासा मानसून की बारिश ने ही कर दिया. बारिश के चलते यह सड़क एक पखबाड़े में ही AG ऑफिस से लेकर चेतकपुरी तक सात जगहों  पर सड़क धंस चुकी हैं, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए अधिकारी बार-बार सड़कों में मिट्टी और गिट्टी आदि भरकर मरम्मत कर रहे हैं.

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