'प्रेम में मुक्ति नहीं, मृत्यु है' लिखकर सुसाइड करने वाले ग्वालियर के वकील मृत्युंजय चौहान मामले में पुलिस ने 22 दिन बाद बुधवार को कॉन्स्टेबल और महिला सब इंस्पेक्टर (एसआई) के खिलाफ केस दर्ज किया है. दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. वकील आत्महत्या कांड में लव ट्रायंगल भी सामने आ रहा है. गोला का मंदिर थाना पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है.

दरअसल, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्श नगर में वकील मृत्युंजय चौहान का शव किराए के मकान में फांसी पर लटका मिला था. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी.
मुरैनी की SI से थे प्रेम संबंध
आत्महत्या से पहले मृत्युंजय ने एक युवती के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें लिखा था ‘प्रेम में मुक्ति नहीं, मृत्यु है.' पोस्ट से मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा और जांच आगे बढ़ी. पुलिस जांच में पता चला कि मुरैना में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर (युवती) के साथ मृत्युंजय का पांच साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था.

30 दिसंबर को होनी थी शादी
दोनों की 30 दिसंबर 2025 को शादी भी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही वकील ने आत्महत्या कर ली. यह भी बताया गया कि एडवोकेट मृत्युंजय ने अपनी गर्लफ्रेंड को कमरे में एक आरक्षक के साथ पकड़ा था.
दोनों पुलिस कर्मियों से पूछताछ जारी
अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है. मुरैना में तैनात आरक्षक (कॉन्स्टेबल) अराफत खान और एसआई प्रीति जादौन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. गोला का मंदिर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है.