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This Article is From Jan 28, 2026

सुनील सोनकर: वो शख्‍स जो फर्जीवाड़ा करके बना डॉक्‍टर और 5000 मरीजों का कर डाला इलाज

व्यापमं घोटाले के आरोपी डॉ. सुनील सोनकर को भोपाल कोर्ट ने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र के जरिए पीएमटी में दाखिला लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई है. आरोपी करीब 5000 मरीजों का इलाज कर चुका है. 

सुनील सोनकर: वो शख्‍स जो फर्जीवाड़ा करके बना डॉक्‍टर और 5000 मरीजों का कर डाला इलाज

मध्‍य प्रदेश की एक अदालत ने ऐसे शख्‍स को सलाखों के पीछे भेज द‍िया है, जो फर्जीवाड़ा करके न केवल डॉक्‍टर बना बल्‍क‍ि 5 हजार लोगों का इलाज भी कर डाला और अब इसके तीन साल जेल में बीतेंगे. नाम है डॉक्‍टर सुनील सोनकर.

दरअसल, डॉ. सुनील सोनकर मध्‍य प्रदेश के बहुचर्चित व्‍यापमं घोटाले में आरोपी है. भोपाल कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्‍सेना ने आरोपी डॉक्‍टर सुनील सोनकर को तीन साल की सजा सुनाई है.

वर्तमान में मध्‍य प्रदेश के सागर ज‍िले में तैनात डॉ. सुनील सोनकर पर आरोप है क‍ि इसने अपने निवास प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा करके व्‍यापमं की ओर से आयोज‍ित प्री मेड‍िकल टेस्‍ट (PMT) में दाख‍िला ल‍िया. यह मूल रूप से उत्‍तर प्रदेश का रहने वाला है जबक‍ि पीएमटी में दाख‍िले के वक्‍त मध्‍य प्रदेश का फर्जी न‍िवास प्रमाण पत्र पेश क‍िया.

भोपाल कोर्ट का फैसला

व्‍यापमं घोटाले के आरोपी डॉ. सुनील सोनकर के मामले में भोपाल कोर्ट ने 27 जनवरी 2026 को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 420 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपए अर्थदण्‍ड एवं धारा 467 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपए अर्थदण्‍ड धारा 468 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपए अर्थदण्‍ड एवं धारा 471 भादवि मे 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपए अर्थदण्‍ड से दण्डित किए जाने का फैसला सुनाया है. उक्‍त प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल अकिल खान एवं सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा पैरवी की गई है.

डॉक्‍टर सुनील सोनकर का क्‍या केस है?

भोपाल में एसटीएफ पुलिस थाना को शिकायत म‍िली क‍ि व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल भोपाल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा मे आरोपी सुनील सोनकर पर आरोप है क‍ि उसने वर्ष 2010 मे उत्‍तीर्ण होने पर मध्‍य प्रदेश राज्‍य कोटा का लाभ प्राप्‍त करने के लिए फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग क‍िया. इस पर उनके ख‍िलाफ केस दर्ज क‍िया गया था. 

पुलिस थाना एसटीएफ के अपराध 18/2020 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि में केस दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के बाद न्‍यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा प्रस्‍तुत तर्क, साक्ष्‍य, दस्‍तावेजों एवं न्‍यायाद़ष्‍टात से सहमत होते हुए आरोपी सुनील सोनकर को उक्‍त धाराओं मे दोष सिद्ध का निर्णय पारित किया गया है.

जांच के दौरान यह भी सामने आया क‍ि आरोपी सुनील सोनकर डॉक्‍टर बनने के बाद करीब 5 हजार लोगों का इलाज कर चुका है. मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार हालांक‍ि कोर्ट का यह भी कहना है क‍ि फर्जी मूल न‍िवास प्रमाण पत्र लगाकर आरोपी ने परीक्षा दी है. मूल न‍िवास प्रमाण पत्र ने आरोपी को परीक्षा पास करने में मदद नहीं की है. परीक्षा उसने अपनी काब‍िल‍ियत से पास की है.

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