Ease of Doing Business in MP: मध्यप्रदेश में श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है. यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है. इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि “नये साल में 'इज ऑफ डुईंग बिजनेस' की दिशा में एक और कदम. प्रदेश में अब ऐसी दुकानें एवं व्यावसायिक संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा. इसके लिए मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में संशोधन किया गया है. इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को राहत मिलेगी. उनके समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी. व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा.”
नये साल में 'इज ऑफ डुईंग बिजनेस' की दिशा में एक और कदम...
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 1, 2026
प्रदेश में अब ऐसी दुकानें एवं व्यावसायिक संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इस हेतु मप्र दुकान एवं स्थापना अधिनियम,…
अब अनावश्यक जांच पर लगेगी रोक
इस संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा. इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी.
अपर सचिव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है. श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें.
यह भी पढ़ें : Davos World Economic Forum Meeting: दावोस में निवेश पर बात करेंगे CM मोहन यादव, इंवेस्ट इन MP पर होगा फोकस
यह भी पढ़ें : MP Anganwadi Bharti: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 4767 पदों पर भर्ती, जानिए कहां और कैसे करें आवेदन
यह भी पढ़ें : MP Government Calendar 2026: सरकारी कैलेंडर जारी; MP में 238 दिन खुलेंगे ऑफिस, कर्मचारियों को इतनी छुटि्टयां
यह भी पढ़ें : Barse Deva Surrender: हिड़मा का भरोसा 'टूटा'; नक्सलियों की सबसे खतरनाक टीम का खात्मा, कौन है बारसे देवा? जानिए