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This Article is From Jan 13, 2025

NDTV की खबर का असर: खुली अधिकारियों की नींद, गौशाला पहुंची वेटनरी की टीम, MLA धुर्वे ने भी लगाई फटकार

Kehenjra Gaushala Negligence Case :  डिंडोरी जिले के केंहेजरा गौशाला में मृत गौवंशों और अव्यवस्थाओं को लेकर NDTV ने रविवार को खबर की थी. सोमवार को इस मामले पर एक्शन हुआ. नींद में सो रहे जिला पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी जाग उठे. वहीं, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने भी फटकार लगाई है.

NDTV की खबर का असर: खुली अधिकारियों की नींद, गौशाला पहुंची वेटनरी की टीम, MLA धुर्वे ने भी लगाई फटकार
 केंहेजरा गौशाला के मामले पर हुआ एक्शन, पहुंची टीम, विधायक ने भी लगाई फटकार.

MP News In Hindi : मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में केहेंजरा गांव की सरकारी गौशाला की हालत बेहद खस्ता है. गौशाला के अंदर और बाहर कई गौवंश मृत पड़े हुए थे. तो कई बीमार हैं, संक्रमण का खतरा है. इसके अलावा गौशाला में मौजूद गौवंशों के लिए पर्याप्त भूसा-चारे की भी व्यवस्थाएं नहीं है. गायें मिट्टी खा रही हैं, तो कुछ भूख से तड़प-तड़पकर अपनी जान दे दी. इस मामले को लेकर NDTV ने रविवार को खबर दिखाई थी. वेब पर भी इस मुद्दे को कवर किया था. सोमवार को इस खबर का असर देखने को मिला है. 

पशु चिकित्सा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सुनील शुक्ला विभागीय कर्मचारियों के साथ गौशाला पहुंचे.बीमार गायों का उपचार किया. साथ ही गौशाला के अंदर मृत गायों के शव को हटाकर पोस्टमार्टम किया गया. वहीं, बीमार गायों का उपचार भी किया गया.

मंत्री बोले- ये बेहद ही अमानवीय कृत्य

गौशाला में गायों के लिए पशु आहार का भी इंतज़ाम कर दिया गया. शहपुरा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने एनडीटीवी की खबर पर संज्ञान लिया. धुर्वे ने कहा- गौशाला में भूख प्यास से गायों की मौत को बेहद ही अमानवीय कृत्य बताया है. साथ ही उन्होंने जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. धुर्वे का कहना है की प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बेहद ही संवेदनशील हैं, और इस प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

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संक्रमण का था खतरा

गौशाला के ठीक पीछे करीब पांच गौवंश के अवशेष पड़े हुए थे, जिससे न सिर्फ गायों को बल्कि ग्रामीणों पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा था. स्थानीय ग्रामीण धनीराम ने बताया था कि जब गांव में गौशाला की शुरुआत की गई थी, उस वक्त गौशाला में करीब डेढ़ सौ गौवंश थे, लेकिन देखरेख के अभाव में और भूख-प्यास की वजह से लगातार गायों की मौत हो रही है, जिसकी परवाह किसी को भी नहीं है. अब गौवंश की संख्या 19 बची है. 

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