अगर आप भी रसोई में मशहूर ब्रांड्स का देसी घी इस्तेमाल करते हैं, तो ज़रा सावधान हो जाएं! राजधानी भोपाल में मिलावटखोरों ने इन्हीं बड़े और भरोसेमंद ब्रांड्स के नाम पर मिलावट का बड़ा खेल रच रखा था. खाद्य सुरक्षा विभाग ने करोंद इलाके में एक बड़ी छापेमारी के दौरान 'प्रोस्पेरिटी टेक' नाम के संस्थान से करीब 10 क्विंटल संदिग्ध देसी घी का जखीरा बरामद किया है. बाजार में इस जब्त घी की कीमत ₹5.50 लाख से ज्यादा आंकी गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि असली जैसे दिखने वाले डिब्बों में पैक यह माल बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के बेचा जा रहा था.
बड़े ब्रांड्स का डिब्बा, अंदर मिलावट का झोल!
खाद्य सुरक्षा आयुक्त मनोज पुष्प के सख्त निर्देशों के बाद विभाग की विशेष टीम ने करोंद स्थित पंचवटी कॉलोनी (फेज-2) की दुकान नंबर 4 और 5 पर अचानक दबिश दी.
न कागज़, न लाइसेंस: बिना इजाज़त धड़ल्ले से चल रहा था धंधा
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के तब होश उड़ गए जब दुकान संचालक से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ज़रूरी फूड लाइसेंस मांगा गया. दुकान में लाइसेंस तो दूर, इसके संचालन का कोई वैध दस्तावेज़ तक नहीं मिला. जाहिर है बिना लाइसेंस इतने बड़े पैमाने पर ब्रांडेड पैकिंग में घी का भंडारण और खरीद-बिक्री करना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है. विभाग ने बिना लाइसेंस व्यापार चलाने के मामले में भी अलग से कानूनी शिकंजा कस दिया है.
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लैब भेजे गए सैंपल, मिलावट साबित होते ही जेल की तैयारी
छापेमारी की अगुवाई कर रहे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक की टीम ने ज़ब्त घी के विधिवत सैंपल सील कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है. अगर जांच में यह घी अमानक या सेहत के लिए खतरनाक साबित होता है, तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई और जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, अरुणेश कुमार पटेल, जगदीश विश्वकर्मा, साधना सक्सेना और पूजा शाक्य शामिल रहे. खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि ब्रांडेड नामों की आड़ में मिलावटखोरी का यह धंधा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे भोपाल में ऐसे मिलावटखोरों के खिलाफ यह सघन चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा.
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