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न स्कूल, न शादी, बैगा जनजाति की 'मिलेट्स क्वीन' अब ब्रांड एंबेसडर, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, जानें कहानी

Lahari Bai Appointed Brand Ambassador: डिंडोरी की बैगा जनजाति से आने वाली ‘मिलेट्स क्वीन’ लहरी बाई को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है. लहरी बाई ने 150 से अधिक विलुप्त मोटे अनाजों के बीज संरक्षित किए हैं. वे कभी स्कूल नहीं गईं और न ही उन्होंने कभी शादी है.

न स्कूल, न शादी, बैगा जनजाति की 'मिलेट्स क्वीन' अब ब्रांड एंबेसडर, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, जानें कहानी

Millets Queen Lahari Bai: मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की विशेष संरक्षित बैगा जनजाति से आने वाली 'मिलेट्स क्वीन' लहरी बाई के हाथ एक और सफलता लगी है. जिला प्रशासन ने उन्हें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है. साथ ही प्रशासन ने लहरी बाई के बीज बैंक के लिए पक्का मकान बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. 

दरअसल, देश में 'मिलेट्स क्वीन' के नाम से मशहूर लहरी बाई डिंडोरी से जिले करीब 60 किलोमीटर टूर के बजाग विकासखंड के सिलपिड़ी गांव में रहने वाली हैं. उन्होंने अपने कच्चे घर में एक ऐसा बैंक तैयार किया है, जो अपने आप में अनोखा है. इस बैंक की खासियत यह है कि यहां विलुप्त हो चुके 150 प्रकार के मोटे अनाजों के बीज सुरक्षित रखे गए हैं. यह बीच उन्होंने करीब 10 साल में गांव-गांव भटककर एकत्र किए हैं. इनमें ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, सांवा, रागी, कुट्टू, चीना, फॉक्सटेल बाजरा (कंगनी), छोटी बाजरा (कुटकी), और फिंगर बाजरा जैसे अन्य मोटे अनाज के बीच शामिल हैं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ लहरी बाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ लहरी बाई

किसानों को देती हैं बीज 

'मिलेट्स क्वीन' यानी लहरी बाई सुपरफूड्स (मिलेट्स) के इन बीजों को 25 से ज्यादा गांवों के किसानों को देती हैं, जिससे वे फसल उगाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पौष्टिक अनाज दे सकें. फसल की कटाई के बाद लहरी बाई किसान से बीज ले लेती है. इसी तरह से उनका यह बीज बैंक चल रहा है. मिलेट्स को सुपरफूड भी कहा जाता है, क्योंकि इनमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. आज के समय में डॉक्टर भी मिलेट्स खाने की सलाह देते हैं.    

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न स्कूल गईं, न शादी की 

विशेष संरक्षित बैगा जनजाति से आने वाली 31 साल की आदिवासी 'मिलेट्स क्वीन' लहरी बाई की कहानी बड़ी दिलचस्प है. अपने माता पिता की सेवा करने के लिए उन्होंने शादी नहीं की. वे पढ़ी लिखी भी नहीं है, उन्होंने कभी स्कूल की दहलीज पर कदम नहीं रखा. लेकिन उन्हें बचपन से ही बीच इकट्ठा करने का शौक था, आज यही उनकी सफलता का कारण बन गया है.  

पीएम मोदी और राष्ट्रपति कर चुके हैं तारीफ  

  • साल 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी ने 'मिलेट्स क्वीन' लहरी बाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने लहरी बाई की प्रशंसा करते हुए उनके बीज बैंक की सराहना की थी. इसके बाद वे चर्चा  में आ गई थीं. 
    पीएम मोदी का पोस्ट, जो उन्होंने 2023 में किया था.

    पीएम मोदी का पोस्ट, जो उन्होंने 2023 में किया था.

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लहरी बाई को श्रीअन्न प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वर्ष 2021-22 का 'पादप जीनोम संरक्षक किसान सम्मान'   दे चुकी हैं. 
  • इंदौर में हुई G-20 समिट में भी लहरी बाई शामिल हुईं थी. इस दौरान तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी खूब तारीफ की थी.  इसके अलावा भी लहरी बाई को कई बार सम्मान मिल चुका है. 

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