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ट्वीशा शर्मा केस: सास गिरिबाला और पति समर्थ की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ी, कोर्ट ने CBI का पक्ष माना

भोपाल के चर्चित ट्वीशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी. सुनवाई के दौरान वॉयस सैंपल और जांच की प्रगति को लेकर बहस हुई, लेकिन कोर्ट ने CBI का पक्ष स्वीकार किया.

ट्वीशा शर्मा केस: सास गिरिबाला और पति समर्थ की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ी, कोर्ट ने CBI का पक्ष माना

भोपाल के चर्चित ट्वीशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को एक बार फिर कोर्ट से आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली. सीबीआई की विशेष अदालत ने सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी है. दोनों आरोपी पिछले करीब दो महीने से भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं. 

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने रिमांड बढ़ाने का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने सीबीआई के तर्कों को उचित मानते हुए जांच पूरी होने तक हिरासत जारी रखने का फैसला सुनाया. इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी है, क्योंकि ट्वीशा की मौत के बाद जांच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं.

कोर्ट ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत

ट्वीशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी है. दोनों आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई. नियमित मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने की. इस दौरान ट्वीशा के पिता और भाई भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे.

वॉयस सैंपल को लेकर हुई बहस

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और सीबीआई के बीच वॉयस सैंपल के मुद्दे पर भी बहस हुई. गिरिबाला सिंह के वकील ने अदालत में कहा कि सीबीआई का यह दावा सही नहीं है कि आरोपियों ने वॉयस सैंपल देने में सहयोग नहीं किया. वकील ने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारियों का रवैया उचित नहीं था.

हालांकि अदालत ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि वॉयस सैंपल का मामला पहले जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उठाया जा चुका है और उस पर आदेश भी दिया जा चुका है. इसलिए रिमांड बढ़ाने की वर्तमान सुनवाई में इस विषय पर विचार नहीं किया जाएगा.

रिमांड बढ़ाने का बचाव पक्ष ने किया विरोध

बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी तर्क रखा कि सीबीआई ने रिमांड बढ़ाने के लिए कोई नया आधार पेश नहीं किया है. वकील ने यह सवाल भी उठाया कि अब तक कितने गवाहों से पूछताछ की गई है और जांच में क्या प्रगति हुई है. इस पर सीबीआई ने कड़ा विरोध दर्ज कराया. एजेंसी का कहना था कि जांच अभी जारी है और गवाहों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने से जांच प्रभावित हो सकती है. सीबीआई ने अदालत से न्यायिक हिरासत जारी रखने की मांग की.

कोर्ट ने माना सीबीआई का पक्ष

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई के तर्कों को स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने माना कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और ऐसे में जांच एजेंसी को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिलना चाहिए. इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया.

क्या है पूरा मामला?

ट्वीशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत अवस्था में मिली थीं. ससुराल पक्ष ने शुरुआत से इसे आत्महत्या का मामला बताया था, जबकि ट्वीशा के मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया था. मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पहले किए गए पोस्टमार्टम पर सवाल उठने लगे. इसके बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराया. 

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