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This Article is From Nov 14, 2024

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें? जानिए भोपाल के इंजीनियर ने साइबर ठगों से खुद को कैसे बचाया?

Cyber Crime: राजधानी भोपाल में पिछले चार दिनों में डिजिटल अरेस्ट के दो मामलों में बरती गई सतर्कता ने दो पीड़ित लुटने से बच गए. साइबर ठगों ने राजधानी भोपाल में रहने वाले एक टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर को लगातार 6 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर उलझाए रखा और बदले में 3.5 लाख मांगे, लेकिन ऐन मौके पर पुलिस से संपर्क कर इंजीनियर ने खुद को बचा गया.

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें? जानिए भोपाल के इंजीनियर ने साइबर ठगों से खुद को कैसे बचाया?
How to be safe from Digital Arrest

How to Safe From Digital Arrest: मध्य प्रदेश में लगातार साइबर क्राइम के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं. पिछले दो दिनों में भोपाल में डिजिटल अरेस्ट के कई मामले सामने आए हैं. हालांकि डिजिटल अरेस्ट के शिकार हुए दो लोग सतर्कता से शिकार होते-होते बच गए.

साइबर ठगों ने राजधानी भोपाल में रहने वाले एक टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर को लगातार 6 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर उलझाए रखा और बदले में 3.5 लाख मांगे, लेकिन ऐन मौके पर पुलिस से संपर्क कर इंजीनियर ने खुद को बचा गया.

टेलीकॉम इंजीनियर को ठगों ने 6 घण्टे तक डिजिटली अरेस्ट रखा

रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल के बजरिया थाना क्षेत्र में रहने वाले टेलीकॉम कंपनी के इंजीनियर प्रमोद गोस्वामी को साइबर ठगों ने 6 घण्टे तक डिजिटली अरेस्ट करके उलझाए रखा. इस दौरान उन्हें धमकी दी गई और कड़ी कार्रवाई का हवाला देकर 3.50 लाख रुपए की मांग की गई. ठगों ने इंजीनियर व उसके परिवार को 24 घंटे तक निगरानी में रहने के लिए कहा.

फर्जी केस के एवज में इंजीनियर से ठगों ने मांगा 3.50 लाख जुर्माना

इंजीनियर को करीब 6 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में उलझा रखे हुए साइबर अपराधियों ने धमकी दी थी कि उसके आधार कार्ड से कई फर्जी सिम संचालित हो रही है, जिससे गलत काम किए जा रहे हैं, जिसके लिए उसे जेल भी हो सकती है. पीड़ित को बचाने के लिए ठगों ने इंजीनियर से 3.50 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर मांगे, जिससे वह घबरा गए.

वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी और वकील बनकर खड़े थे ठग

डिजिटल अरेस्ट के दौरान ठगों ने पूरा पुलिस का सीन क्रिएट किया था. ठग न केवल सिर्फ पुलिस की वर्दी में थे, बल्कि एक ठग वकील के रूप में भी मौजूद था. डर के कारण प्रमोद ने अपने दूसरे मोबाइल नंबर बंद कर लिए और सिर्फ ठगों के ही संपर्क में रहा, जिससे प्रमोद को जानने वालों को शक हुआ और मामले की सूचना पुलिस को दी गई.

क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने टेलीकॉम इंजीनियर के घर पहुंच कर उनसे विस्तृत चर्चा की और डिजिटल अरेस्ट के बारे में उन्हें समझाया, साथ ही आरोपियों को राउंड अप कर उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों को तैनात किया.

पुलिस कमिश्नर बोले, जल्द चिन्हित आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे

मामले पर भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों को चिन्हित कर लिया गया है, जल्द ही वो पुलिस की गिरफ्त में होंगे. उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि, प्रथम दृष्टया वीडियो कॉल में तीन व्यक्ति देखे गये हैं. संभव है इसमें अन्य भी शामिल हों.

लगातार कॉल करके इंजीनियर को परेशान कर रहे थे साइबर ठग

साइबर ठगों के हाथों डिजिटल लूट का शिकार होते-होते बचे टेलीकॉम इंजीनियर प्रमोद कुमार ने भोपाल पुलिस का धन्यवाद करते हुए बताया कि उनके पास मंगलवार शाम से ही लगातार फर्जी कॉल आ रहे थे और फर्जी कॉल के माध्यम से साइबर अपराधी उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे, जिससे वह काफी परेशान हो गए थे.

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