Swami Sachchidananda Passes Away: धारकुंडी आश्रम के संस्थापक पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज का 102 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो जाना आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है. उन्होंने मुंबई में उपचार के दौरान दोपहर लगभग 12 बजे अपनी देह त्याग दी. उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार मिलते ही देशभर में फैले उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई. इधर, प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी स्वामी जी के महाप्रयाण पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
CM मोहन यादव ने जताया दुख
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, 'सतना के धारकुंडी आश्रम के संस्थापक, परम पूज्य स्वामी परमहंस श्री सच्चिदानंद जी महाराज के परलोक गमन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका संपूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल अनुयायियों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!
सतना के धारकुंडी आश्रम के संस्थापक, परम पूज्य स्वामी परमहंस श्री सच्चिदानंद जी महाराज के परलोक गमन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका संपूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 7, 2026
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1956 में धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी
स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज ने 22 नवम्बर 1956 को धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी. तब से यह आश्रम आध्यात्मिक साधना, सेवा और सनातन परंपराओं के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. स्वामी जी ने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, तप, सेवा और मानव कल्याण के कार्यों के लिए समर्पित किया. उनके मार्गदर्शन में हजारों लोगों ने आध्यात्मिक जीवन की प्रेरणा प्राप्त की.
धारकुंडी आश्रम लाया जाएगा पार्थिव शरीर
आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार स्वामी जी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और मुंबई के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था. ब्रह्मलीन होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को बदलापुर स्थित आश्रम ले जाया गया है. वहां श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शन के बाद सड़क मार्ग से धारकुंडी आश्रम लाया जाएगा.
सोमवार को दी जाएगी समाधि
बता दें कि पिछले वर्ष 1 जनवरी 2025 को अपने 101वें जन्मदिन के अवसर पर स्वामी जी ने बदलापुर आश्रम से भक्तों को वर्चुअल दर्शन दिए थे, जिसे देश-विदेश में बसे अनुयायियों ने भावपूर्ण रूप से देखा और आशीर्वाद प्राप्त किया था. आश्रम प्रबंधन ने जानकारी दी है कि धारकुंडी आश्रम में सोमवार को उनके समाधि स्थल पर विधि-विधानपूर्वक समाधि दी जाएगी.
इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालुओं के उपस्थित रहने की संभावना है. स्वामी जी का जीवन और उनका आध्यात्मिक संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा. फिलहाल अंतिम दर्शन की तैयारियों को अंतिम रूप देने तहसीलदार डॉ शैलेंद्र बिहारी शर्मा और धारकुंडी थाना प्रभारी शैलेंद्र पटेल मौके पर पहुंच कर व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं.