मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में एक महिला के साथ आवाज बदलकर सात लाख रुपए का साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है. महिला के पति अफ्रीका के युगांडा में काम करते हैं. महिला भी वहीं रहती थी, लेकिन डेढ़ साल पहले वह भारत लौट आई और ग्वालियर में रहने लगी. महिला के पास दुबई में रहने वाले चाचा ससुर की आवाज में मैसेज और कॉल आया. कॉल करने वाले ने बताया कि वह खाते में 10.50 लाख रुपए भेज रहा है, दो दिन बाद आधार कार्ड के जरिए राशि निकाल लेना.
इसके कुछ देर बाद एक और कॉल आया, बात करने वाले ने महिला को बताया कि उसके चाचा ससुर दुबई एंबेसी में फंस गए हैं. उन्होंने महिला से तत्काल 7 लाख रुपए ट्रांसफर करने को कहा. बेटे के इलाज के लिए रखी गई रकम महिला ने एजेंट के बताए खाते में जमा कर दी. अगले दिन महिला ने दुबई में रह रहे अपने जेठ को कॉल कर पूरी घटना बताई, तब उसे पता चला कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो गई है. इसके बाद पीड़ित महिला ने ठग के नंबर पर संपर्क किया, लेकिन वह बंद मिला. आखिर में महिला ने ई-जीरो एफआईआर सेवा 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई.
बेटे के इलाज के लिए जोड़े थे साल लाख रुपये
जानकारी के अनुसार, यह मामला ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र का है. जहां, तारागंज में रहने वाली महिला का पति युगांडा अफ्रीका में नौकरी करता है. महिला डेढ़ साल पहले तक अफ्रीका में ही रह रही थी. उसका बेटा बीमार रहता है, ठीक से चल नहीं पाता है. उसके इलाज में हर महीने 70 से 80 हजार रुपए खर्च होते हैं. इसके लिए महिला ने जैसे-तैसे 7 लाख रुपए जोड़ रहे थे. ठगों ने चाचा को दुबई में गिरफ्तार होने का झांसा देकर महिला से 7 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद जब ठगों ने और पैसों की मांग की तो उसे शक हुआ. महिला ने दुबई में रहने वाले अपने जेठ को कॉल किया, तब पूरा मामला समाने आया.
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तीन लाख रुपये खातों में होल्ड कराए गए
अब तक की जांच पड़ताल में पता चला है कि महिला के खाते से ठगे गए रुपए असम और कोलकाता के खातों में ट्रांसफर हुए हैं. राहत की बात यह है कि 7 लाख रुपए में से करीब ढाई से तीन लाख रुपए कुछ खातों में होल्ड करा दिए गए हैं. एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जिन खातों में रुपए ट्रांसफर हुए हैं, उन खाताधारकों की छानबीन की जा रही है. हमारी कोशिश है कि महिला का पैसा लौटा दिया जाए.
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