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This Article is From Jan 07, 2026

चलती ट्रेन में प्रसूता को उठा दर्द तो मंगला एक्सप्रेस रोक रेलवे स्टाफ ने महिला को पहुंचाया अस्पताल; बच्चे को दिया जन्म

ग्वालियर जिले में एक गर्भवती महिला को ट्रेन में प्रसव पीड़ा होने पर रेलवे स्टाफ और आरपीएफ की तत्परता से समय पर अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी डिलीवरी कराई गई. महिला और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

चलती ट्रेन में प्रसूता को उठा दर्द तो मंगला एक्सप्रेस रोक रेलवे स्टाफ ने महिला को पहुंचाया अस्पताल; बच्चे को दिया जन्म

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में ट्रेन से यात्रा कर रही गर्भवती महिला की रेल स्टाफ और रेल सुरक्षा बल की तत्परता से सावधानी पूर्वक डिलीवरी हो गई. नवजात और महिला दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं. दोनों फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं. यह सब डबरा स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस (Mangala Express) में हुआ.

ट्रेन जब डबरा स्टेशन के पास थी, तभी उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा उठी. हालात ऐसे थे कि ट्रेन चलती रहती तो मां और नवजात, दोनों की जान पर खतरे मे पड़ सकती थी। लेकिन रेलवे के डिप्टी कंट्रोलर, रेल सुरक्षा बल और डॉक्टरों की सूझबूझ, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित परेशानी  को खुशियों में बदल दिया. ट्रेन को मेन लाइन पर रुकवाया गया, बिना एक पल गंवाए महिला को अस्पताल पहुंचाया गया और कुछ ही देर में  महिला की कोख से एक स्वस्थ शिशु ने जन्म ले  लिया.

मुंबई कल्याण से आ रही थी महिला

जानकारी के अनुसार, मंगला एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रही मंजेश अपने पति पवन विश्वकर्मा के साथ मुंबई कल्याण से ग्वालियर जा रही थी. वह भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र के रामनगर की रहने वाली है. ट्रेन जब दतिया से ग्वालियर की तरफ बढ़ी, वैसे ही अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. इस दौरान उनकी हालत ठीक नहीं थी.

अन्य यात्रियों ने इसकी सूचना रेल में चल रहे आरपीएफ और अन्य स्टाफ को दी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कंट्रोलर झांसी ने तत्काल स्टेशन मास्टर डबरा को सूचित किया. इसके बाद स्टेशन प्रबंधक ने लोको पायलट से संपर्क कर ट्रेन को डबरा स्टेशन की मेन लाइन पर ही रुकवा लिया.

आरपीएफ ने पहुंचाया अस्पताल

तुरंत आरपीएफ को सूचित किया गया और RPF के सहायक उप निरीक्षक गिरिजेश कुमार, प्रधान आरक्षक दीपक कुमार, आरक्षक धर्मवीर सिंह एवं महिला आरक्षक नीतू रावत ने पूरी तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित रूप से ट्रेन से उतारा और एंबुलेंस की प्रतीक्षा किए बिना निजी वाहन से महिला को तत्काल सिविल हॉस्पिटल डबरा पहुंचाया गया.

सुबह 11 बजे दिया बच्चे को जन्म

वहां, डॉक्टर स्वाति अग्रवाल और नर्सिंग स्टाफ अर्चना ने महिला को अटेंड किया. डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के गले में नाल फंसी हुई थी और समय पर अस्पताल न पहुंचने की स्थिति में मां-बच्चे की जान को गंभीर खतरा हो सकता था. रेलवे स्टाफ की ततपरता से समय रहते इनको उपचार मिल गया. सुबह 10 बजकर 56 मिनट पर महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया. फिलहाल मां और बच्चा दोनों पूरी स्वस्थ हैं. इस मामले में आरपीएफ की भूमिका भी काफी सराहनीय हुई.

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