Agar Malwa Nursing College Controversy: आगर मालवा जिले में नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने अपने भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. प्रवेश के तीन साल बाद भी परीक्षा आयोजित न होने से नाराज छात्राओं ने उज्जैन–झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. उनका आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने फीस तो ली, लेकिन न तो परीक्षा कराई और न ही करियर को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी.
हाईवे पर बैठकर किया विरोध
कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ गुस्साई छात्राओं ने कॉलेज के सामने ही नेशनल हाईवे पर करीब आधे घंटे तक चक्काजाम किया. इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. छात्राएं हाथों में आवेदन और दस्तावेज लेकर नारेबाजी करती रहीं और अपनी समस्याओं को सार्वजनिक किया.
प्रशासन की मौजूदगी
सूचना मिलते ही एसडीओपी मोतीलाल कुशवाह, तहसीलदार विजय सेनानी और कोतवाली प्रभारी शशि उपाध्याय मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्राओं से चर्चा कर उन्हें समझाया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हुआ.
फीस और चेक बाउंस का आरोप
छात्राओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि प्रवेश के समय प्रत्येक विद्यार्थी से लगभग 80 हजार रुपये फीस ली गई थी. तीन साल बीत जाने के बावजूद परीक्षा नहीं कराई गई. फीस लौटाने के लिए दिए गए चेक भी बैंक में बाउंस हो गए. छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर अभद्र व्यवहार और करियर खराब करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए.
छात्राओं की मांग
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और कॉलेज प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही फीस और अन्य खर्च की राशि वापस दिलाई जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगी.
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