
Saurabh Sharma Bail: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भ्रष्टाचार के मामले में परिवहन विभाग में पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लोकायुक्त कोर्ट से जमानत मिलने को लेकर सियासत तेज है. कांग्रेस इसका विरोध कर रही है और प्रदेश सरकार पर आरोप लगा रही है. इसे लेकर सीहोर में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
जिला मुख्यालय सीहोर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमानत का विरोध किया. वहीं कोतवाली चौराहा पर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यहां पर मटके भी फोड़े. बड़ी संख्या में कांग्रेसी यहां एकत्रित हुए और जमकर प्रदर्शन किया.
क्या कह रहे हैं कांग्रेसी?
प्रदर्शन में जुटे कांग्रेसियों ने कहा कि प्रदेश में अंधेर नगरी चौपट राजा का राज है. करोडों रुपए और सोना अवैध रुप से एकत्रित करने वाले आरोपी सौरभ शर्मा को जमानत मिल जाती है. सरकार ऐसे भ्रष्टाचारियों का समर्थन कर रही है. विरोध स्वरूप यह मटके फोडे जा रहे हैं. यह भ्रष्टाचार के मटके हैं.
क्या है मामला?
करोड़ों रुपये के सोने के मामले में जेल गए पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा को मंगलवार को जमानत मिल गई. इसके साथ ही चेतन सिंह और शरत जयसवाल को भी अदालत ने बेल दी है. दरअसल, लोकायुक्त ने 60 दिन में चालान पेश नहीं किया इसलिए आरोपियों को यह राहत मिली. वहीं कोर्ट ने लोकायुक्त के इस रवैये पर हैरानी भी जताई. लोकायुक्त की विशेष न्यायाधीश राम प्रताप मिश्र ने यह आदेश दिए हैं.
बता दें कि 28 मार्च को 60 दिन हो चुके हैं, इसके बावजूद अभी तक चालान पेश नहीं हुआ. कोर्ट ने लोकायुक्त के इस रवैये पर हैरानी जताई. हालांकि जमानत मिलने के बाद भी सौरभ, शरद, चेतन फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे. तीनों आरोपियों को ईडी के मामले में जेल में रहना पड़ेगा.
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