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Congress Protest: किसानों के सहारे सड़क पर उतरी कांग्रेस, इन मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना

Congress Protest on Farmer Issues: धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों सहित कई फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, लेकिन अब तक न तो पारदर्शी सर्वे हुआ और न ही प्रभावित किसानों को राहत मिली. उनका आरोप था कि सरकार की सुस्ती के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं और उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल रही.

Congress Protest: किसानों के सहारे सड़क पर उतरी कांग्रेस, इन मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना

Congress Protest News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच (Neemach) जिले में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा. इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. भारत माता (फॉर जीरो) चौराहा पर रविवार दोपहर आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा फसल नुकसान का मुआवजा, लंबित बीमा भुगतान, अफीम फसल को बीमा दायरे में लाने और मनरेगा से जुड़े मुद्दे अहम रहे.

धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों सहित कई फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, लेकिन अब तक न तो पारदर्शी सर्वे हुआ और न ही प्रभावित किसानों को राहत मिली. उनका आरोप था कि सरकार की सुस्ती के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं और उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल रही.

फसल बीमा भुगतान में देरी से नाराजगी

धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने फसल बीमा योजना को लेकर भी सरकार और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. वक्ताओं ने कहा कि जिले के हजारों किसान महीनों से बीमा दावों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक रकम खातों में नहीं पहुंची. कांग्रेस ने सभी लंबित बीमा दावों का शीघ्र निपटारा करने की मांग उठाई.

अफीम किसानों को भी मिले बीमा सुरक्षा

नीमच देश में अफीम उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है. इसके बावजूद अफीम फसल को बीमा योजना से बाहर रखने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई. नेताओं का कहना था कि प्राकृतिक आपदाओं में अफीम काश्तकारों को हर साल भारी नुकसान झेलना पड़ता है, लेकिन उन्हें राहत का लाभ नहीं मिलता. कांग्रेस ने मांग की कि अफीम को भी फसल बीमा और राजस्व मुआवजे के दायरे में शामिल किया जाए.

मनरेगा पर भी उठे सवाल

धरना-प्रदर्शन के दौरान मनरेगा योजना को लेकर भी आवाज उठाई गई. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बजट में कटौती और योजना के स्वरूप में बदलाव से ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है. उनका कहना था कि मनरेगा गांवों की अर्थव्यवस्था के लिए जीवन रेखा है, जिसे कमजोर करना गलत है.

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कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम चार सूत्रीय मांगपत्र जिला प्रशासन को सौंपा. इसमें फसल नुकसान का मुआवजा, लंबित बीमा भुगतान, अफीम को बीमा दायरे में शामिल करने और मनरेगा को मजबूत रखने की मांग प्रमुख रही. धरने में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने यह साफ संकेत दिया कि कृषि से जुड़े मुद्दे अब फिर से सियासत के केंद्र में आ रहे हैं.

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