Congress List of Candidates 2023 MP: श्राद्ध खत्म होते ही नवरात्रि के पहले ही दिन कांग्रेस ने 144 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है. इस पर भाजपा (BJP) कांग्रेस (Congress) में गुटबाजी को हवा देने में जुट गई है. एमपी बीजेपी (MP BJP) प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) ने कहा है कि इस लिस्ट के जरिए कमलनाथ (Kamal Nath) ने कांग्रेस के सभी दिग्गजों को किनारे लगा दिया है.
कांग्रेस की सूची जारी होने पर सलूजा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट लिखा कि कांग्रेस की आज घोषित 144 प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है. इसमें कमलनाथ ने प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को किनारे लगा दिया है. उन्होंने कहा है कि दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के बैठक छोड़कर पलायन करने के बाद उन्हें मनाने के बजाय कमलनाथ ने उनके पीछे से सूची ही घोषित करवा दी है.

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दिग्गजों के साथ खेला करने का लगाया आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के समर्थकों के नामों को उनकी गैरमौजूदगी में उड़ा दिया. उनके मुताबिक, सूची के बाद यह तय हो गया है कि कांग्रेस के सारे बड़े नेता चुनावी मैदान से पलायन कर चुके हैं. दिग्विजय सिंह ,सुरेश पचौरी ,अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया किसी का भी नाम इस सूची में नहीं. छिंदवाड़ा से सिर्फ कमलनाथ का नाम सूची में है, बाकी सभी नाम रोक दिए गए हैं.
कांग्रेस की आज घोषित 144 प्रत्याशियों की सूची -
October 15, 2023
जहां एक तरफ दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह बैठक छोड़कर पलायन कर गए थे तो उसके बाद भी उन्हें मनाने की बजाय उनके पीछे से नाथ जी ने सूची ही घोषित करवा दी...
उनके साथ खेल करवा दिया..
उनके समर्थक नामो को पीछे से…दिग्गजों के समर्थकों के टिकट काटने का भी शिगूफा
उन्होंने आगे लिखा है कि पचौरी के समर्थक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का टिकट उपचुनाव में हुए एक मामले के बाद से चल रहे झगड़े के चलते कमलनाथ ने कटवा दिया है. वहीं, इंदौर में एक चर्चित विधानसभा से दिग्विजय सिंह समर्थक का टिकट लगभग तय था, लेकिन "डील" के कारण रातों-रात नाम बदल दिया गया. उन्होंने आगे लिखा कि इसी प्रकार के डील के टिकट अगली सूची में सामने आएंगे, जिसका भाजपा फिर खुलासा करेगी.
परिवारवाद का भी लगाया आरोप
कांग्रेस की पहली सूची में जिन नेताओं को टिकट दिया गया है, उनका पूरा बायोडाटा बताते हुए सलूजा ने लिखा है कि इस लिस्ट में जहां दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह का नाम है. वहीं, उनके पुत्र जयवर्धन सिंह का नाम और उनके परिवार के ही प्रियव्रत सिंह का नाम भी है. इसके अलावा जहां अजय सिंह राहुल भैया का नाम है. वहीं, उनके मामा राजेंद्र सिंह का नाम भी सूची में शामिल है. वहीं, कांतिलाल भूरिया के बदले उनके बेटे को, सांवेर से प्रेमचंद गुड्डू के बदले उनकी बेटी को, टिकट दिया गया है. इसके साथ ही अरुण यादव के भाई सचिन यादव को टिकट दिया गया है.
कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को छला
सलूजा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सूची के बाद प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के कांग्रेस नेताओं में जमकर नाराजगी है. उनका कहना कि कांग्रेस को अल्पसंख्यक वर्ग के 100% वोट चाहिए, लेकिन 144 में से सिर्फ एक टिकट ही दिया गया है.
विवादित नेताओं को भी टिकट देने का लगाया आरोपसलूजा ने कांग्रेस का काला चिठ्ठा खोलते हुए बताया है कि इस लिस्ट में अश्लील वीडियो वाले डबरा विधायक को टिकट भी टिकट दिया गया है. वहीं, सवर्ण समाज को गाली बकने वाले बरैया को टिकट देकर सम्मानित किया गया है. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर संत समाज को कोसने वालों को भी टिकट देने का आरोप लगाया है. इसके अलावा भाजपा ने महिला उत्पीड़न के दोषी लोगों को भी टिकट देने का कांग्रेस पर आरोप लगाया है.
"सूची में वही घिसे पीटे नाम"
सलूजा ने कांग्रेस की लिस्ट पर तंज कसते हुए कहा है कि सूची में वही घिसे पीटे नाम है. वर्तमान विधायकों का टिकट काटने का कांग्रेस साहस नहीं जुटा पाई. यानी पार्टी पर दबाव बनाने में विधायकों का दबाव काम आ गया. उन्होंने आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह ने जिन 66 सीटों पर घूम कर नाम एकत्रित किए थे, उसमें से ज्यादातर नाम नाथ ने सूची में से उड़ा दिए.दिग्गजों के नाराज होने का छोड़ा शिगूफा
सलूजा ने दावा किया है कि कांग्रेस की सूची घोषित के बाद दिग्विजय सिंह ,गोविंद सिंह और अरुण यादव भारी नाराज हैं. उन्होंने आशंका जताई है कि इस लिस्ट के बाद कांग्रेस में जमकर बवाल और घमासान मचेगा. उन्होंने आगे लिखा कि सारे पूर्व मंत्रियों के नाम पहली सूची में है, लेकिन दिग्विजय समर्थक पीसी शर्मा का नाम नहीं है. दिग्विजय सिंह समर्थक केपी सिंह की इच्छा के विपरीत उनका क्षेत्र बदल दिया गया है. वहीं, गोविंद सिंह के भारी विरोध के बाद भी अटेर से कटारे को टिकट दिया गया है. वहीं, अरुण यादव ने जो नाम पैनल में जुड़वाए थे, वो सारे टिकट काट दिए गए है. इसके अलावा खरगापुर, मांधाता से उनके चहेते नामों को काट दिया गया.
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"ठगे गए दलबदलू"
इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता सलूजा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने वाले नेताओं को भी टिकट नहीं होने पर कांग्रेस पर इन नेताओं के साथ छल करने का आरोप लगाया है. सलूजा ने बताया है कि दल बदलकर कांग्रेस में आए नेताओं के नाम इस सूची से नदारद है. ऐसे में ये लोग ठगे हुए से महसूस कर रहे हैं.
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी. इसके मुताबिक मध्य प्रदेश में एक साथ पूरे प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान होगा और 3 दिसंबर को मतों की गिनती होगी. यानी इसके साथ ही साफ हो जाएगा कि प्रदेश में बीजेपी सत्ता बचाने में सफल रहती है. या फिर कांग्रेस अपनी खोई हुई सत्ता फिर से हासिल करने में कामयाब हो पाती है.ये भी पढ़ें- Congress Candidate List: MP में कांग्रेस की पहली लिस्ट में बड़े नेताओं के नाम, अपनी परंपरागत सीट से लड़ेंगे ये दिग्गज