मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के दबाव के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन को अदालत से पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले इनपुट सामने आने के बाद पुलिस की एक टीम अहमदाबाद रवाना हुई है, जबकि अन्य संभावित ठिकानों को भी खंगाला जा रहा है.
रिमांड पर आरोपियों से होगी गहन पूछताछ
भोपाल पुलिस के मुताबिक, अमरीन और चंदन से पूछताछ अभी प्रारंभिक चरण में है. जांच अधिकारी उन्हें घटनास्थलों पर ले जाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेंगे. जरूरत पड़ने पर रिमांड अवधि बढ़ाने की तैयारी भी की जा सकती है.
पुलिस सूत्रों का कहना है कि नेटवर्क के तार गुजरात और मुंबई से जुड़े होने की जानकारी मिली है, इसलिए जांच टीम अन्य राज्यों में भी साक्ष्य जुटाने जाएगी. आफरीन फिलहाल जेल में है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उसे भी रिमांड पर लिया जा सकता है.
अहमदाबाद भेजी गई विशेष टीम
अहमदाबाद में तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भोपाल से एक विशेष टीम भेजी गई है. पुलिस आरोपियों को साथ लेकर भी वहां जा सकती है, ताकि घटनास्थल और संदिग्ध ठिकानों की पहचान कर साक्ष्य एकत्र किए जा सकें.
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बहनों पर कुछ युवकों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर दबाव बनाने के आरोप लगे हैं. फिलहाल एक मामला सीहोर निवासी युवक से जुड़ा सामने आया है, जिसकी शिकायत भोपाल के कोहेफिजा थाने में दर्ज बताई जा रही है. पुलिस इन तथ्यों की पुष्टि कर रही है.
डीसीपी गौतम सोलंकी का बयान
इस मामले में गौतम सोलंकी ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी टीम भेजी जाएगी.
डीसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि अन्य नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
एडिशनल डीसीपी का अपडेट
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि मामले में अंतरराज्यीय कनेक्शन की आशंका को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन स्थानों पर और किन व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं.
उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा प्राथमिकता है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया संवेदनशील तरीके से की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी.
कैसे खुला मामला?
मामले की शुरुआत तब हुई जब छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की एक ब्यूटीशियन ने शिकायत दर्ज कराई. आरोप है कि नौकरी दिलाने के बहाने उसे दिसंबर 2025 में अहमदाबाद ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ. इसके बाद दूसरी युवती ने भी सामने आकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए.
FIR में यह भी दर्ज है कि पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और उन्हें धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर किया गया. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
भोपाल दुष्कर्म-धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का मामला, पुलिस को मिली आरोपियों की रिमांड