भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में सामने आई यह खबर अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली है. मूलरूप से केरल की रहने वाली 42 वर्षीय सजना एसए को गंभीर ब्रेन हैमरेज की स्थिति में गत 15 मई 2026 को बंसल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और चिकित्सकों की टीम द्वारा उन्हें 'ब्रेन स्टेम डेड' घोषित कर दिया गया. इस बेहद कठिन और दुखद घड़ी में भी उनके परिवार ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को समझा.
'ब्रेन स्टेम डेथ' की पूरी प्रक्रिया समझाई
अस्पताल के डॉक्टरों और काउंसिलर्स ने सजना एसए के परिजनों को उनकी क्रिटिकल स्थिति और 'ब्रेन स्टेम डेथ' की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया. इसके बाद, परिवार ने गहरी शोक की स्थिति में भी मानवता की सेवा का संकल्प लेते हुए स्वेच्छा से अंगदान करने का बड़ा निर्णय लिया. परिजनों की लिखित सहमति मिलने के बाद अस्पताल की अनुभवी ट्रांसप्लांट टीम और अधिकृत प्राधिकरण की सीधी निगरानी में अंगदान की चिकित्सा प्रक्रिया को पूरी गरिमा के साथ संपन्न किया गया.

bhopal bansal hospital muslim family donates organs liver kidney transplant
जानकारी के अनुसार, दिवंगत महिला से प्राप्त एक लिवर और एक किडनी का आवंटन बंसल हॉस्पिटल, भोपाल को किया गया, जबकि दूसरी किडनी का आवंटन भोपाल के ही एक अन्य निजी अस्पताल को किया गया. यह पूरी आवंटन और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) तथा राज्य की अधिकृत समिति के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत पूरी की गई.

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कई गंभीर मरीजों के परिवारों में फिर से खुशियां लौटा दी
बंसल हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने इस सफलता पर कहा कि अंगदान किसी भी मरणासन्न व्यक्ति के लिए जीवन बचाने का सबसे बड़ा और सर्वोत्तम उपहार है. अस्पताल प्रबंधन ने दिवंगत महिला के परिवार के इस अनुकरणीय निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक महान प्रेरणा बताया. इस सफल अंगदान ने कई गंभीर मरीजों के परिवारों में फिर से खुशियां लौटा दी हैं.

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अंतिम विदाई के समय दिवंगत सजना एसए के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ पुलिस बल द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल परिसर से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया. इस दौरान बंसल हॉस्पिटल परिसर में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने अंगदान जैसा महान निर्णय लेने के लिए परिजनों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया. यह भावुक क्षण न केवल अंगदान के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि समाज में मानवता, आपसी सौहार्द और हमारी 'गंगा-जमुनी तहज़ीब' की एक अमिट मिसाल भी पेश करता है.

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इस सफल प्रत्यारोपण के साथ ही बंसल हॉस्पिटल, भोपाल ने अब तक 51 से अधिक सफल लिवर ट्रांसप्लांट और 510 से अधिक सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरे कर मध्य भारत के चिकित्सा क्षेत्र में ट्रांसप्लांट सेवाओं में अपनी एक विश्वसनीय और अग्रणी पहचान को और मजबूत कर लिया है.
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