Bhind Disability Board Dismissed: भिंड जिले में प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने संवेदनशीलता और व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिला अस्पताल में 14 मई को आयोजित होने वाला दिव्यांगता बोर्ड अचानक देर रात निरस्त कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी समय पर आम लोगों तक नहीं पहुंचाई गई. परिणामस्वरूप दूर-दराज गांवों से आए कई दिव्यांग घंटों तक भीषण गर्मी में अस्पताल परिसर में भटकते रहे. व्यवस्था की इस चूक ने न केवल परेशानियां बढ़ाईं, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया.
बिना सूचना निरस्त हुआ दिव्यांगता बोर्ड
भिंड के जिला अस्पताल में 14 मई को आयोजित दिव्यांगता बोर्ड को देर रात निरस्त कर दिया गया. निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लिया गया, लेकिन इसकी सूचना संबंधित लोगों तक नहीं पहुंचाई गई. इसका नतीजा यह हुआ कि 30 से 40 किलोमीटर दूर से आए दिव्यांग और उनके परिजन सुबह अस्पताल पहुंच गए, जहां उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा.

Disability Board Dismissed Bhind: पीड़ित दिव्यांग
पुलिस मेडिकल ड्यूटी के कारण बदली व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने पुलिसकर्मियों के मेडिकल परीक्षण के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी पुलिस लाइन में लगाने के निर्देश दिए थे. इस आदेश के बाद सिविल सर्जन आर.एन. राजौरिया ने दिव्यांगता बोर्ड को निरस्त कर डॉक्टरों को पुलिस लाइन भेज दिया. हालांकि, इस बदलाव की जानकारी समय पर आम जनता तक नहीं पहुंचाई गई.

Disability Board Dismissed Bhind: परेशान मरीज
भीषण गर्मी में भटकते रहे दिव्यांग
सुबह से ही सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर दर्जनों दिव्यांग अपने परिजनों के साथ बोर्ड शुरू होने का इंतजार करते रहे. भीषण गर्मी के चलते कई दिव्यांगों की तबीयत बिगड़ती नजर आई. दूर-दराज से आए लोगों ने प्रशासन की इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें पहले सूचना दी जाती तो वे अनावश्यक परेशानी से बच सकते थे.
जनसंपर्क अधिकारी ने मानी गलती
घटना ने जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बोर्ड निरस्त होने की सूचना सुबह जनसंपर्क ग्रुप में वायरल की गई, लेकिन इससे पहले न तो अस्पताल परिसर में कोई नोटिस लगाया गया और न ही सार्वजनिक घोषणा की गई. मीडिया के मौके पर पहुंचने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया और आनन-फानन में सूचना पत्र दीवारों पर चस्पा किए गए. जनसंपर्क अधिकारी पुष्पराज सिंह ने भी समय पर सूचना नहीं देने को अपनी गलती माना.
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