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सिंध नदी में पनडुब्बियों से अवैध रेत खनन! NGT की रोक के बावजूद नहीं मान रहें माफिया

भिंड जिले में सिंध नदी से पनडुब्बियों के जरिए अवैध रेत खनन का बड़ा खुलासा हुआ है। NGT की रोक के बावजूद खनन माफिया सक्रिय थे. शिकायतों पर प्रशासन ने संयुक्त टीम के साथ छापामार कार्रवाई की, जिसमें एक पनडुब्बी जब्त कर नष्ट कर दी गई, जबकि दूसरी को निकालने की तैयारी है.

सिंध नदी में पनडुब्बियों से अवैध रेत खनन! NGT की रोक के बावजूद नहीं मान रहें माफिया

Illegal Sand Mining Sindh River: भिंड जिले में सिंध नदी से पनडुब्बियों के सहारे अवैध रेत खनन का बड़ा मामला सामने आया है. NGT की रोक के बावजूद यह अवैध गतिविधि चल रही थी. शिकायतें बढ़ने पर प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर खनन नेटवर्क पर शिकंजा कसने की शुरूआत की. कार्रवाई के दौरान माफिया ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की, लेकिन प्रशासन ने एक पनडुब्बी जब्त कर मौके पर नष्ट कर दी.

कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई

कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर खनिज विभाग, राजस्व अमला और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई. टीम ने मेहन्दा, खैरा और श्यामपुरा गांव के पास सिंध नदी के कई घाटों पर दबिश दी. टीम के पहुंचते ही अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया और कई लोग मौके से भाग खड़े हुए.

माफिया ने पनडुब्बियां डुबोकर भागे

छापे के दौरान रेत माफिया ने सबूत छिपाने के लिए दो पनडुब्बियों को नदी में डुबो दिया और फरार हो गए. प्रशासन ने एक पनडुब्बी जब्त कर वहीं नष्ट कर दी, जबकि दूसरी को निकालने की तैयारी जारी है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि इस तरह की हरकतों पर अंकुश लगे.

रॉयल्टी नाके पर फर्जीवाड़े के आरोप

जांच में यह बात भी सामने आई कि खदान क्षेत्र के पास रॉयल्टी काटने के लिए नाका बनाया गया था. आरोप है कि स्टेट हाईवे पर ट्रकों को रोककर रॉयल्टी वसूली की जा रही थी, जिससे जाम की स्थिति पैदा होती थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत एक जगह से निकाली जाती थी, जबकि रॉयल्टी पर्ची दूसरी खदान की काटकर फर्जीवाड़ा किया जाता था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने की आशंका है.

विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल

लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध खनन जारी रहने से खनिज, राजस्व विभाग और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पनडुब्बियों के जरिए सिंध नदी से लंबे समय से रेत निकाली जा रही थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. अब बड़े पैमाने पर हुई इस छापेमारी के बाद सख्ती की उम्मीद जगी है.

ऊमरी थाना क्षेत्र का मामला

यह पूरा मामला ऊमरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. प्रशासन ने अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल छापेमारी के बाद इलाके में हलचल है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कार्रवाई स्थायी समाधान बन पाएगी या अवैध रेत उत्खनन फिर शुरू हो जाएगा.

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