छत्तीसगढ़ में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन और लाखों नाम कटने के मुद्दे के बीच राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ को लेकर राजनीतिक गुणा-भाग तेज हो गया है. इसकी झलक रविवार को बालोद में देखने को मिली, जब बालोद पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यसभा में जाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने साफ कहा कि वे राज्यसभा चुनाव 2026 में प्रत्याशी की दौड़ में नहीं हैं और पार्टी हाईकमान ही प्रत्याशी तय करेगा.
मैं पहले से विधायक और महामंत्री हूं
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस कोटे से राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर बघेल ने स्पष्ट कहा, “मैं पहले से विधायक हूं, पार्टी का महामंत्री हूं. मैं इस दौड़ में नहीं हूं. कौन राज्यसभा जाएगा, यह कांग्रेस हाईकमान तय करेगा.” उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं. एक कांग्रेस और एक भाजपा की. ऐसे में दोनों दलों से एक-एक सदस्य राज्यसभा में दिल्ली जाएंगे.
राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ से वर्तमान राज्यसभा सांसद K. T. S. Tulsi और Phulo Devi Netam का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूरा हो रहा है. निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ में 5 मार्च तक नामांकन, 16 मार्च को मतदान और उसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी.
बालोद में हुआ जोरदार स्वागत
एक दिवसीय दौरे पर बालोद पहुंचे बघेल का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया. जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी और पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे. इसके बाद उन्होंने डौंडी ब्लॉक के ग्राम कुसुमकसा में सामाजिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और ठेमाबुजुर्ग में सत्रहगईहा माँ दंतेश्वरी मंदिर में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए.
भाजपा में संभावित नामों की चर्चा
राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ को लेकर भाजपा में भी कई नामों की चर्चा तेज है. इनमें संयोगिता सिंह जूदेव, दिलीप सिंह जूदेव परिवार से जुड़ा नाम, बालक दास साहब जो हाल में भाजपा में शामिल हुए हैं, तथा प्रेम प्रकाश पाण्डेय जैसे वरिष्ठ नेता शामिल बताए जा रहे हैं. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय कर सकती है.
कांग्रेस में भी कई नाम चर्चा में
राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ को लेकर कांग्रेस खेमे में भी संभावित चेहरों को लेकर मंथन जारी है. भूपेश बघेल ने खुद को दौड़ से बाहर बताया है. वहीं T. S. Singh Deo को राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका दिए जाने की अटकलें हैं. इसके अलावा Deepak Baij का नाम भी चर्चा में है.
गौरतलब है कि पिछली बार कांग्रेस ने अन्य राज्यों के नेताओं को छत्तीसगढ़ कोटे से राज्यसभा भेजा था, जिस पर पार्टी को आलोचना झेलनी पड़ी थी. इस बार स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है.
राज्यसभा चुनाव 2026 छत्तीसगढ़ में सियासी संकेत क्या?
भूपेश बघेल का खुद को राज्यसभा की दौड़ से बाहर बताना कई राजनीतिक संकेत देता है. एक ओर वे राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका जारी रखने के संकेत दे रहे हैं, वहीं राज्यसभा को लेकर अंतिम निर्णय पूरी तरह पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया है. अब नजर 5 मार्च की नामांकन प्रक्रिया और 16 मार्च के मतदान पर टिकी है. देखना होगा कि कांग्रेस और भाजपा किस चेहरे पर दांव लगाती हैं और छत्तीसगढ़ से दिल्ली की राह कौन तय करता है.
शहरी इलाकों में ज्यादा वोट कटने का आरोप
अपने दौरे के दौरान SIR की अंतिम सूची जारी किए जाने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने मतदाता सूची से नाम कटने के मुद्दे पर कहा कि शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा वोट हटाए गए हैं. उन्होंने कहा, “कुम्हारी, अमलेश्वर पालिका से लेकर रायपुर, दुर्ग और भिलाई तक बड़ी संख्या में नाम काटे गए हैं. एक-एक विधानसभा में 30 से 40 हजार तक वोट कटे हैं. ये किसके वोट थे, किसका नाम हटाया गया. यह अध्ययन का विषय है.”