Barwani news MP: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में 40 मासूम बच्चे 8 किमी पैदल चलकर छात्रावास के अधीक्षक और चपरासी की शिकायत करने पहुंचे. मामला पानसेमल के पिपरानी शासकीय जनजाति आश्रम का है. बच्चों का कहना है कि चपरासी और अधीक्षक गाली-गलौज और गलत व्यवहार करते हैं. मासूमों की यह यात्रा सिर्फ शिकायत नहीं थी, बल्कि उस पीड़ा की कहानी थी जिसे वे लंबे समय से चुपचाप सहते आए थे.
आश्रम के बच्चों ने बताया कि चपरासी और अधीक्षक दोनों उनका सम्मान नहीं करते. अक्सर गंदी-गंदी गालियां देते हैं और किसी भी बात पर अपमानित कर देते हैं. बच्चे कहते हैं कि वे वहां डर में रहते हैं और अपनी बात कहने से भी हिचकते हैं.
भोजन में भी लापरवाही
बच्चों का आरोप है कि अधीक्षक का रवैया बेहद कठोर है. न तो उन्हें सही समय पर भोजन मिलता है और न ही नाश्ता. कई बार भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता. छोटी-छोटी जरूरतें बताने पर भी उन्हें डांटा और धमकाया जाता है.
8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे BEO ऑफिस
थकान और डर के बावजूद 40 बच्चे पानसेमल विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर पैदल निकल पड़े. वे चाहते थे कि कोई उन्हें सुने और उनकी समस्या का समाधान करे. यह सफर सिर्फ दूरी का नहीं, बल्कि साहस का भी था, क्योंकि पहली बार वे खुलकर अपनी बात लेकर बाहर आए थे.
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रास्ते में नायब तहसीलदार ने रोका
सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राजाराम रानाडे मौके पर पहुंचे. उन्होंने बच्चों की बातें ध्यान से सुनीं और पूरा आश्वासन दिया कि चपरासी और अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बच्चों ने भी भरोसा जताया कि अब उनकी दिक्कतें सुनी जाएंगी.
नाश्ता-पानी की व्यवस्था और बच्चों को भेजा वापस
अधिकारियों ने तुरंत बच्चों के लिए नाश्ता और पानी की व्यवस्था करवाई. इसके बाद दो वाहनों में सभी बच्चों को सुरक्षित आश्रम भेजा गया. अधिकारियों ने यह भी कहा कि बच्चों की शिकायतों का समाधान जल्द किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई अनिवार्य होगी.
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