
Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एंबुलेंस में कि जानें वाली लापरवाही सामने आई है. प्रसूताओं को स्वस्थ्य और सुरक्षित ढंग से प्रसव कराने ले जाने के लिए चलाई गई 108 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस ग्वालियर में खुद ही बीमार और असुरक्षित नजर आ रही है. उनमें तमाम खामियां हैं. सोचिए यदि चलती एंबुलेंस में प्रसव हो जाए और उसमें रखे फिनाइल का उपयोग नर्स ने कर लिया तो क्या होगा? ऐसे में जच्चा और बच्चा दोनों का ही जीवन खतरे में फंस सकता है. इस लापरवाही का खुलासा खुद स्वास्थ्य विभाग ने किया है.
एक्सपायरी डेट का फिनाइल मिला
दरअसल, कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी आईपी निवारिया 108 जननी एक्सप्रेस का औचक निरीक्षण करने निकले तो वे खुद चौंक पड़े किसी मे एक्सपायरी डेट का फिनाइल मिला, तो किसी का ऑक्सीजन सिस्टम ही बीमार मिला. जिला अस्पताल मुरार की जननी एक्सप्रेस का लोकेशन हस्तिनापुर मिला.
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फिर जिम्मेदार कौन होगा ?
जब उन्होंने वहां, जाकर चेक किया तो एंबुलेंस सीजी 04 एनक्यू के टायर खराब हालत में मिले. इसमे ड्रेसिंग का भी पूरा सामान नहीं था. एक एंबुलेंस में एक्सपायरी डेट की फिनाइल देखकर निवारिया ने कहा - अगर इससे पेशेंट को इंफेक्शन हो गया तो फिर जिम्मेदार कौन होगा ? इतना ही नहीं एक एंबुलेंस में पायलट सिर्फ पांचवी पास था. लॉग बुक भी अधूरी थी. उसे तत्काल हटाने का आदेश दिया. निवारिया का कहना है कि वे हर माह ऐसे औचक निरीक्षण करके जो कमियां मिलती है, उन्हें बीएमओ के जरिये दुरुस्त कराते हैं.
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