Bhopal Water Alert: इंदौर की घटना से सबक लेते हए भोपाल नगर निगम इन दिनों शहर की वाटर सप्लाई को लेकर काफी सतर्क है. पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए निगम ने पूरे शहर में 1500 से ज्यादा जगहों पर सैंपलिंग की. इस व्यापक जांच में 4 पॉइंट्स ऐसे मिले जहां 'ई कोलाई' बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई. राहत की बात यह है कि प्रशासन ने तुरंत इन जगहों की सप्लाई लाइन बदल दी है, ताकि लोगों तक केवल शुद्ध पानी ही पहुंचे.
कमिश्नर खुद कर रहीं मॉनिटरिंग
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने स्पष्ट किया है कि टेस्टिंग का मकसद किसी डर को फैलाना नहीं, बल्कि सिस्टम को फुलप्रूफ बनाना है.
लीकेज पर तुरंत एक्शन
जांच के दौरान खानूगांव और आदमपुर जैसे क्षेत्रों में कुछ तकनीकी खामियां सामने आईं. खानूगांव में पाइपलाइन में एक छोटा सा ब्रेक था, जिसे तुरंत दुरुस्त कर दिया गया है और अब वहां कुएं के बजाय सुरक्षित लाइन से पानी दिया जा रहा है. आदमपुर में भी एहतियात बरतते हुए फिलहाल टैंकरों और अस्थायी टंकियों से सप्लाई की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की रिस्क न रहे.
आखिर क्या है यह 'ई कोलाई'?
आसान शब्दों में कहें तो ई कोलाई बैक्टीरिया का पानी में मिलना इस बात का सीधा सबूत है कि पीने के पानी में सीवेज या गंदगी की मिलावट हो रही है. यह नन्हा सा बैक्टीरिया शरीर में जाते ही पेट में मरोड़, तेज दर्द और खूनी दस्त जैसी बीमारियां पैदा कर सकता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह खतरनाक भी साबित हो सकता है.
छोटी सावधानी, बड़ी सुरक्षा
नगर निगम ने नागरिकों से एक छोटी सी अपील की है कि वे रोजाना नल खुलने पर शुरुआती 10 मिनट के पानी का उपयोग पीने के लिए न करें.जानकारों का कहना है कि पाइपलाइन में जमा प्रेशर और गंदगी को बाहर निकलने देना सेहत के लिए बेहतर है. साथ ही,शहर में कहीं भी लीकेज दिखने पर 181 पर कॉल करने को कहा गया है ताकि भोपाल की वाटर सप्लाई लाइन पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे.
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